
Morning Fatigue के कारण (representative image) image credit Magnific
Sleep Apnea: कई बार पर्याप्त नींद लेने के बावजूद सुबह उठने पर थकान महसूस होती है। इसका कारण हमेशा नींद की कमी नहीं होता। डेली रूटीन, खान पान के साथ ही नींद के दौरान क्या हो रहा है, यह भी आपकी सुबह की ऊर्जा पर असर डाल सकता है। इसलिए आइए जानते हैं नींद के बाद भी लगातार थकान रहने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
अगर आप पर्याप्त समय सोने के बावजूद थके हुए उठते हैं, तो क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार समस्या यह भी हो सकती है कि नींद के दौरान आपको अच्छी और गहरी नींद नहीं मिल रही है। इसका एक कारण स्लीप एपनिया हो सकता है। इसमें नींद के दौरान सांस रुकने या ठीक तरह से सांस न आने की समस्या होती है। इससे व्यक्ति रात में बार बार जाग सकता है। कई बार उसे इन जागने की घटनाओं का पता भी नहीं चलता, लेकिन इससे शरीर को आराम देने वाली गहरी नींद प्रभावित होती है।
कैलोरी के अलावा आयरन, विटामिन B12, फोलेट, विटामिन D और दूसरे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शरीर के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते हैं, तो पूरी रात सोने के बाद भी थकान महसूस हो सकती है।
दिनभर की ऊर्जा पर इस बात का भी असर पड़ता है कि आप क्या और कितनी नियमितता से खाते हैं। खाना छोड़ना, पर्याप्त प्रोटीन न लेना और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट पर ज्यादा निर्भर रहना शरीर में कम ऊर्जा महसूस होने की वजह बन सकता है। एक संतुलित डाइट में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें, नट्स, बीज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल होना चाहिए। ऐसी डाइट शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करती है।
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का असर भी ऊर्जा और एकाग्रता पर पड़ सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार कैफीन, शराब और निकोटीन भी रात की नींद में रुकावट पैदा कर सकते हैं। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और पर्याप्त घंटे सोने के बाद भी सुबह थकान महसूस हो सकती है।
केवल कम नींद लेना ही थकान की वजह नहीं है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार जरूरत से ज्यादा सोने पर भी कुछ लोगों को सुबह सुस्ती और नींद जैसा महसूस हो सकता है।
अगर अपनी नींद और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करने के बाद भी थकान बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार कुछ विटामिन की कमी और हार्मोन में असंतुलन भी थकान का कारण बन सकते हैं। इसमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर और महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी शामिल हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
04 Sept 2026 01:03 pm
Published on:
04 Sept 2026 01:02 pm
