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Parsi New Year 2025: 15 अगस्त से शुरू होगा ये नव वर्ष, जानिए इसका इतिहास व महत्व

Parsi New Year 2025: पारसी न्यू ईयर यानी नवरोज, पारसी समुदाय का बड़ा त्योहार है, जो नई शुरुआत, खुशहाली और अच्छाई की जीत का प्रतीक है। जानिए इसकी तारीख, इतिहास, महत्व और मनाने का खास अंदाज, साथ ही स्वादिष्ट पारसी व्यंजनों की परंपरा।

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Aug 13, 2025
Parsi New Year (Photo- Grok AI)

Parsi New Year 2025: क्या आपने पारसी न्यू ईयर के बारे में सुना है। इसे नवरोज या नौरोज भी कहा जाता है, यह पारसी समुदाय का एक बड़ा और खास त्योहार माना जाता है। इसे भारत ही नहीं, दुनिया भर के पारसी लोग इसे बहुत धूमधाम से मनाते हैं। यह दिन पारसी कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।

पारसी न्यू ईयर फारसी सोलर कैलेंडर के पहले महीने 'फर्वादिन' के पहले दिन मनाया जाता है, जो मार्च में आता है। लेकिन भारत में पारसी लोग शाहंशाही कैलेंडर का पालन करते हैं, जिसकी वजह से यहां यह त्योहार जुलाई या अगस्त में आता है। इस साल 2025 में पारसी न्यू ईयर 15 अगस्त को मनाया जाएगा, यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन।

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इतिहास और महत्व

नवरोज का इतिहास करीब 3,000 साल पुराना है। इसे पैगंबर जरथुस्त्र ने फारस में शुरू किया था। पारसी धर्म यानी जोरास्ट्रीयनिज्म दुनिया के सबसे पुराने एकेश्वरवादी धर्मों में माना जाता है। यह दिन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अच्छाई की बुराई पर जीत, नई उम्मीदों और नए साल की शुभकामनाओं का प्रतीक है। Navroz का मतलब ही है नया दिन, यानी ताजगी, नई शुरुआत और आने वाले साल में खुशहाली की दुआ।

कैसे मनाते हैं नवरोज

नवरोज के दिन पारसी लोग सुबह-सुबह फायर टेंपल (अगियारी) जाते हैं और अपने परिवार और दोस्तों की लंबी उम्र, सुख-शांति और तरक्की के लिए प्रार्थना करते हैं। यह समय माफी मांगने, पुरानी गलतियां सुधारने और नए संकल्प लेने का भी होता है। इस दिन घर को फूलों और सुंदर सजावट से सजाया जाता है। लोग नए-नए कपड़े पहनते हैं और पूरे दिन जश्न का माहौल बना रहता है। परिवार और दोस्तों के साथ बैठकर तरह-तरह के पारसी व्यंजन खाए जाते हैं।

खास व्यंजन

पारसी न्यू ईयर पर बनने वाले कुछ मशहूर पकवान हैं —

  • मोरा दाल चावल
  • सास नी मच्छी (फिश करी)
  • मरघी ना फर्चा (फ्राइड चिकन)
  • बेरी पुलाव

इनके साथ मीठे पकवान भी बनाए जाते हैं, ताकि साल भर जीवन में मिठास बनी रहे।

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Published on:
13 Aug 2025 02:21 pm
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