Quitting Corporate Job: गुड़गांव की एक अच्छी कंपनी में काम करने के बाद नौकरी छोड़कर देहरादून बसने वाली अंशिका सिंह की कहानी सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। आइए, जानते हैं कि आखिर अंशिका सिंह की कहानी क्या है।
Quitting Corporate Job for Slow Life: आज के समय में बैंगलोर और पुणे के बाद सबसे अच्छे करियर विकल्प गुड़गांव में मिलते हैं। इसलिए आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्ट्रगल करने के बाद भी गुड़गांव में रहना पसंद करते हैं ताकि आने वाले दिनों में उनका फ्यूचर अच्छा हो सके। लेकिन हाल ही में गुड़गांव की एक अच्छी कंपनी में काम करने के बाद भी नौकरी छोड़कर देहरादून में बसने वाली अंशिका सिंह की कहानी सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा पसंद की जा रही है। अंशिका की कहानी उन सभी लोगों के लिए है जो एक बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस और मानसिक शांति की तलाश में अपनी कॉर्पोरेट नौकरियों से ब्रेक लेना चाहते हैं। आइए, आज के इस लेख में अंशिका के करियर ब्रेक के साथ ही उनके गुड़गांव से देहरादून जाने के फैसले से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जानते हैं।
सोशल मीडिया वीडियो में अंशिका सिंह बताती हैं कि वह गुड़गांव में कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं, लेकिन उन्होंने अक्टूबर 2024 में अपने काम से इस्तीफा दे दिया। उनका कहना था कि ऑफिस की डेडलाइन्स, घंटों काम और लगातार बढ़ते दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से थका दिया था। यह नौकरी धीरे-धीरे उनकी खुशी छीन रही थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल बदलने का एक बड़ा फैसला लिया।
नौकरी छोड़ने के बाद अंशिका ने देहरादून शिफ्ट होने का फैसला लिया। उन्होंने खुद को कुछ महीनों का समय दिया ताकि वह ठहर सकें, चैन की सांस ले सकें और अपनी लाइफ को एक नई दिशा दे सकें। बेशक, इस सफर के दौरान मन में कई बार डर और फ्यूचर को लेकर सवाल आए, लेकिन उन्होंने अपनी मेंटल पीस को प्राथमिकता दी।
देहरादून जाने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। अब वह अपनी लाइफ में बैलेंस महसूस कर रही हैं। उन्हें अब सुबह उठने पर काम का कोई बोझ महसूस नहीं होता, जो पहले उन्हें काफी भारी लगता था। अब उनके पास अपने परिवार के साथ वक्त बिताने, दोस्तों के साथ घूमने और अपने शौक पूरे करने का पूरा मौका है। उन्हें एक रिमोट जॉब भी मिल गई है, जिससे वह पहाड़ की खूबसूरती के साथ अपना करियर भी संभाल रही हैं।