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44,800 रुपये की बांधनी स्कर्ट? जानें राल्फ लॉरेन का नया कलेक्शन देखकर क्यों भड़क रहे हैं भारतीय

Ralph Lauren Bandhani Controversy: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मशहूर लग्जरी फैशन ब्रांड राल्फ लॉरेन अपने नए कलेक्शन के कारण सुर्खियों में है। एक्स यूजर्स का आरोप है कि इस ब्रांड ने बांधनी कला का इस्तेमाल बिना क्रेडिट दिए किया है। आइए, आज के इस लेख में जानते हैं कि क्या है पूरा मामला।

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Apr 21, 2026
Ralph Lauren Bandhani Controversy
Ralph Lauren Bandhani Controversy| image credit gemini and X

Ralph Lauren Bandhani Controversy: फैशन की दुनिया अक्सर अपनी चमक-धमक के लिए जानी जाती है, इसलिए लोग फैशन के ट्रेंड्स को फॉलो करने के लिए लाखों रुपये खर्च करने से भी परहेज नहीं करते। लेकिन कभी-कभी नए कलेक्शन के चलते ब्रांड को ट्रोल भी होना पड़ता है। हाल ही में मशहूर लग्जरी फैशन ब्रांड राल्फ लॉरेन अपने नए कलेक्शन की वजह से सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। यूजर्स का आरोप है कि ब्रांड ने भारतीय पारंपरिक कला बांधनी का इस्तेमाल तो किया, लेकिन वेबसाइट पर कहीं भी भारत का नाम नहीं लिया। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों सोशल मीडिया पर लोग इस ब्रांड के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और क्या है पूरा मामला।

क्या है राल्फ लॉरेन का बांधनी कलेक्शन


राल्फ लॉरेन की वेबसाइट पर एक प्रिंटेड कॉटन रैप स्कर्ट बेची जा रही है जिसकी कीमत 44800 रुपये है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि यह स्कर्ट पारंपरिक बांधनी टाई-डाई तकनीक और डिजाइन से ली गई है। इसके साथ ही उन्होंने पोलो प्ले लेदर थोंग सैंडल भी लॉन्च किए हैं जो दिखने में बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे भारत के लोकल बाजारों में मिलते हैं। इन सैंडल्स की कीमत 33400 रुपये तय की गई है।

इसलिए हो रही है ब्रांड की आलोचना

सोशल मीडिया यूजर्स का राल्फ लॉरेन के इस नए कलेक्शन पर गुस्सा इसलिए फूट रहा है क्योंकि ब्रांड पर भारतीय संस्कृति और कला को बिना किसी क्रेडिट दिए इस्तेमाल करने का आरोप है। ब्रांड ने इसे बांधनी का नाम तो दिया लेकिन कहीं भी इसका श्रेय भारत को नहीं दिया। इसके अलावा स्कर्ट के असली बांधनी न होकर केवल प्रिंटेड होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं


इस कलेक्शन के आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंटे हुए हैं। एक तरफ वे लोग हैं जो इसे भारतीय कारीगरों की मेहनत और धरोहर का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग फैशन की दुनिया में किसी और के काम से आईडिया लेना एक आम बात बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह चोरी नहीं बल्कि फैशन की एक नई कोशिश है और बांधनी जैसी कलाएं सदियों पुरानी हैं, जिन पर किसी एक का हक नहीं है।

Published on:
21 Apr 2026 03:08 pm