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Dating Trends 2026: मंडे को सोना, सैटरडे को मोना, भारत में प्यार सिर्फ ‘बैकअप प्लान’? जानिए क्या है रोस्टर डेटिंग

Dating Trends 2026: सोमवार को कोई और, शनिवार को कोई और। क्या भारत में प्यार अब 'बैकअप प्लान' पर चल रहा है? जानिए 'रोस्टर डेटिंग' का वो सच जो आपकी लव लाइफ को पूरी तरह बदल सकता है।

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Jan 10, 2026
Roster Dating Trend 2026 | (फोटो सोर्स- GeminiAI)

Dating Trends 2026: आज की डेटिंग लाइफ उतनी ही उलझी हुई है जितनी कि आपके ईयरफोन के तार। अभी हम सिचुएशनशिप और घोस्टिंग जैसी डेटिंग ट्रेंड्स (New Dating Trends) को समझ ही रहे थे कि 2026 की डेटिंग डिक्शनरी में एक नया शब्द और आ गया वो है, 'रोस्टर डेटिंग' (Roster Dating)। सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड वायरल हो रहा है, जहां कोई इसे आजादी कह रहा है तो कोई इमोशनल चीटिंग। यानी यह सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि आज की रियलिटी है। ​लेकिन सवाल यह है कि क्या आप जानते हैं कि आपके साथ जो डेट पर बैठा है, उसके पास आपके जैसे 4 और ऑप्शन्स तैयार बैठे हो सकते हैं या आप भी उनमें से एक।

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​आखिर क्या है ये नया ट्रेंड 'रोस्टर डेटिंग'?

इसे आप एक स्पोर्ट्स टीम की तरह समझ सकते हैं। जैसे टीम में मेन प्लेयर्स के साथ-साथ बेंच स्ट्रेंथ या बैकअप होता है, वैसे ही डेटिंग में भी लोग अब एक समय पर 4-5 लोगों को होल्ड पर रखते हैं। जैसे- ​मंडे कॉफी डेट राहुल के साथ होगी, ​फ्राइडे नाइट पार्टी समीर के साथ होगी और वहीं ​संडे का लंच किसी और के साथ प्लान होगा। यहां का एक ही रूल है जो सबको पता है, बिना किसी कमिटमेंट के एक साथ कई लोगों को डेट करना ही रोस्टर डेटिंग है।

क्यों लोग एक दिल के लिए कई ऑप्शन्स रख रहे हैं?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग 'इमोशनल रिस्क' नहीं लेना चाहते। लोग ​धोखे का डर और पुराने रिश्तों के जख्म से किसी पर आसानी से भरोसा करने से ड़रते हैं। लोगों का मानना है कि जब हम काम और ऐप्स में मल्टीटास्किंग कर सकते हैं, तो डेटिंग में भी किया जा सकता है। लोग बेस्ट चुनने के चक्कर में बेटर को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

फायदे कम, 'इमोशनल थकान' ज्यादा

सुनने में यह बड़ा कूल लग सकता है कि आपके पास ऑप्शंस की कमी नहीं है, लेकिन इसके नतीजे गंभीर भी हो सकते हैं। इंडिया टुडे के साथ बातचीत में मनोवैज्ञानिक नम्रता जैन कहती हैं कि जब आप लगातार लोगों की तुलना (Comparison) करते हैं, तो आप किसी से भी दिल से नहीं जुड़ पाते हैं। लास्ट में, यह आपको एक अजीब से खालीपन और मेंटल स्ट्रेस की ओर धकेल देता है।

क्या यह सच में 'ईमानदार चीटिंग' है?

रोस्टर डेटिंग में सब कुछ साफ-साफ बताया जाता है, इसलिए इसे चीटिंग कहना गलत हो सकता है। लेकिन ये सही नहीं है, क्योंकि यह आदत धीरे-धीरे इंसान को जिम्मेदारियों से भागना सिखा देती है। लोग साथ तो चाहते हैं, लेकिन उस साथ को निभाने की मेहनत से बचना चाहते हैं।

​भारत में क्यों बढ़ रही है इसकी दीवानगी?

डेटिंग ऐप्स के एल्गोरिदम और करियर के बढ़ते दबाव ने भारतियों के सोचने का तरीका बदल दिया है। लोग अब शादी से पहले खुद को पूरी तरह एक्सप्लोर करना चाहते हैं। लेकिन इस चक्कर में हम प्यार की असल गहराई को खोते रहे हैं। साथ ही यह बहुत ही चिंताजनक और सोचने वाली बात भी है।

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