
अरब में पढऩे वाले 11 वर्षीय भारतीय छात्र साईंनाथ मणिकंदन ने दो रोबोट बनाए जो समुद्री कचरे को साफ करने के साथ खेतों में काम करने वाले किसानों की मेहनत भी कम करेंगे। इसकी प्रदर्शनी हाल ही इन्होंने दुबई में की है। साईंनाथ दुबई के एक स्कूल में सातवीं ग्रेड के छात्र हैं। वे इस उम्र में ही एमेरिटस एनवायरमेंट ग्रुप के सक्रिय सदस्य भी हैं। वे लोगों को कचरों के रिसाइकिल के लिए प्रेरित भी करते हैं। वे खुद भी प्लास्टिक को एक-एक कर रिसाइकिल करने का भी काम करते हैं। वे कहते हैं अपने इस काम से ही उनको इन आविष्कारों को करने का आइडिया मिला। इसके बाद ही दोनों आविष्कार मरीन रोबोट क्लीनर और एग्रीकल्चर रोबोट को बना सका। साईंनाथ का कहना है कि मरीन रोबोट नाव की तरह है और इसको रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। इसमें वे समुद्री कचरे को एकत्रित कर नाव पर रखता जाएगा। इसमें तीन मोटर लगे हुए हैं। एग्रीबोट के बारे में उन्होंने बताया कि यह सोलर पैनल से चलने वाला रोबोट होगा। यह खेतों की जुताई, बीजों का छिड़काव करना और बीजों को मिट्टी में लगाने का काम करेगा।