हमारी आहारचर्या का सीधा संबंध हमारी सेहत से है और स्वास्थ्य तभी अच्छा रहेगा जब पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होंगी। बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) आज फैटी लिवर,(Fatty Liver) पेट के कैंसर, कोलाइटिस, बाउल सिन्ड्रोम, लिवर डेमेज जैसे रोग पैदा कर रही है
Stomach upset symptoms and Treatment: हमारी आहारचर्या का सीधा संबंध हमारी सेहत से है और स्वास्थ्य तभी अच्छा रहेगा जब पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होंगी। बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) आज फैटी लिवर,(Fatty Liver) पेट के कैंसर, कोलाइटिस, बाउल सिन्ड्रोम, लिवर डेमेज जैसे रोग पैदा कर रही है। गैस बनना और कब्ज की समस्या बेहद आम हो गई है। आयुर्वेद में दिनचर्या और आहारचर्या को संतुलित रखने की बात कही गई है। जानिए आहारचर्या को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी बातें।
क्या न करें (What not to do)
अम्लीय चीजों का प्रयोग बंद करें सूर्यास्त के बाद भोजन न करें।
दालें, बेसन, कढ़ी, अरबी, राजमा, भिंडी, जमीकंद, खीरा रात को न खाएं। चाय-कॉफी व फास्ट फूड न खाएं। जिनमें रस खत्म हो गया है और जिस भोजन को बने एक पहर से अधिक हो चुका है, वह न खाएं।
फैटी लिवर की समस्या है तो चीनी, नमक व घी-तेल का सेवन निषेध है। भोजन करने के बाद तेज-तेज वॉक न करें। कब्ज से राहत के लिए एक चम्मच अरंडी का तेल, एक चम्मच बादाम रोगन, एक चम्मच गाय का घी। उसे गरम दूध में डालकर सेवन करें।
गैस में राहत के लिए : रोजाना रात को दो अंजीर और दो मुनक्का भिगो दें। सुबह उठकर उनका सेवन करें। क्या करें
भोजन से पहले नमक व अदरक का सेवन करना चाहिए। गरम भोजन, घी डालकर उचित मात्रा में ही खाएं, चरक संहिता के अनुसार जल्दबाजी में भोजन न करें। धीरे-धीरे चबाते हुए भोजन करें।