
Kochuveli To Yog Nagari Rishikesh Train: अगर आपको ट्रेवलिंग का शौक है और आप एक ही ट्रेन में सफर करते हुए खिड़की से भारत के अलग-अलग राज्यों को देखना चाहते हैं, तो आप ट्रेन नंबर 22659 का टिकट बुक कर सकते हैं। यह ट्रेन केरल के कोचुवेली से शुरू होकर करीब 3,411 किलोमीटर का सफर तय करते हुए उत्तराखंड के योग नगरी ऋषिकेश तक पहुंचती है। इस लंबे सफर की खास बात यह है कि रास्ते में सिर्फ स्टेशन नहीं बदलते, बल्कि बाहर दिखने वाला पूरा नजारा भी बदलता जाता है। कहीं बैकवॉटर और हरियाली नजर आती है, कहीं समुद्र के करीब का इलाका, तो कहीं सूखी जमीन और आखिर में हरियाली से भरे पहाड़ देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं इस ट्रेन के बारे में कि यह रास्ते में किन-किन राज्यों से गुजरती है और हर हिस्से में क्या खास देखने को मिलता है।
ट्रेन नंबर 22659 के सफर की शुरुआत केरल के तिरुवनंतपुरम नॉर्थ यानी कोचुवेली स्टेशन से होती है। ट्रेन शुक्रवार सुबह करीब 4:50 बजे यहां से निकलती है। यह जगह अपनी हरियाली, बैकवॉटर और पश्चिमी घाट के आसपास के खूबसूरत नजारों के लिए फेमस है। रास्ते में कोल्लम और एर्नाकुलम जैसे बड़े स्टेशन आते हैं। इसके बाद ट्रेन कर्नाटक में प्रवेश करती है, जहां तटीय इलाके और पश्चिमी घाट के आसपास का नजारा देखने को मिलता है।
कर्नाटक के बाद ट्रेन गोवा की ओर बढ़ती है। यहां पश्चिमी घाट और कोंकण क्षेत्र दिखाई देता है। गोवा में मडगांव स्टेशन इस रूट का एक खास पड़ाव है। दक्षिण भारत की हरियाली से निकलकर गोवा के तटीय इलाकों की खूबसूरती देखने को मिलती है।
गोवा के बाद ट्रेन महाराष्ट्र में प्रवेश करती है। यहां से कोंकण की हरियाली और तटीय इलाके पीछे छूटते जाते हैं और बड़े शहरों व ज्यादा व्यस्त इलाकों का माहौल दिखाई देने लगता है।
महाराष्ट्र के बाद ट्रेन गुजरात की तरफ बढ़ती है। इस हिस्से में सफर करने पर दक्षिण-पश्चिम भारत के तटीय और हरियाली वाले माहौल से निकलकर बड़े व्यापारिक शहरों की तरफ बढ़ने का अनुभव होता है। गुजरात में सूरत और वडोदरा जैसे बड़े स्टेशन आते हैं।
गुजरात के बाद ट्रेन मध्य प्रदेश की ओर बढ़ती है। इस हिस्से में रास्ते का नजारा धीरे-धीरे बदलने लगता है और पश्चिमी भारत के शहरों से आगे बढ़कर मध्य भारत के इलाकों की झलक देखने को मिलती है।
मध्य प्रदेश के बाद ट्रेन राजस्थान की ओर बढ़ती है। यहां पहुंचते ही रास्ते का नजारा काफी अलग हो जाता है। दक्षिण भारत में दिखने वाली घनी हरियाली की जगह खुले और सूखे इलाके नजर आने लगते हैं। इस रूट पर कोटा जैसे प्रमुख स्टेशन आते हैं।
राजस्थान पार करने के बाद ट्रेन दिल्ली की तरफ बढ़ती है। ट्रेन का हजरत निजामुद्दीन स्टेशन दिल्ली का एक प्रमुख पड़ाव है। जहां राजधानी के व्यस्त नजारे दिखते हैं।
दिल्ली के बाद ट्रेन उत्तर प्रदेश से होकर उत्तराखंड की तरफ बढ़ती है। इस हिस्से में यात्रियों को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों का नजारा देखने को मिलता है। रास्ते में शहरों के साथ-साथ गांव और खेती वाले क्षेत्र भी दिखाई देते हैं।
आखिर में ट्रेन उत्तराखंड में प्रवेश करती है और अपनी यात्रा योग नगरी ऋषिकेश में खत्म करती है। शुक्रवार सुबह कोचुवेली से शुरू हुई यह ट्रेन रविवार दोपहर करीब 1:40 बजे ऋषिकेश पहुंचती है। करीब 56 घंटे 50 मिनट में 3,411 किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद यात्री ऐसे शहर में पहुंचते हैं, जो गंगा, योग और पहाड़ों के लिए जाना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर लिखा गया है। ट्रेन के रूट, समय, स्टेशन और अन्य जानकारी में रेलवे की ओर से बदलाव हो सकते हैं। यात्रा करने से पहले भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूर चेक करें।