रिसर्च: खलने लगी रिश्तों से दूरी, आभासी दुनिया से हो रहा मोहभंग
इंटरनेट और मोबाइल क्रांति से जहां सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है, वहीं सामाजिक और पारस्परिक जुड़ाव कम होने से आहत एक बड़ा वर्ग इससे छुटकारा पाना चाहता है। डिजिटल मार्केटिंग कंपनी रिबूट ऑनलाइन के रिसर्च में सामने आया है कि भारत में हर माह करीब पांच लाख लोग सोशल मीडिया छोडऩा चाहते हैं। देश में करीब 75 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। सोशल मीडिया छोडऩे के इच्छुक लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पोस्ट से किसी के जीवन, टैलेंट, फिटनेस का चमकीला पहलू ही सामने आ पाता है। कोपनहेगन स्थित हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्ययन में सामने आया कि सि
इसलिए हो रहा मोहभंग
रिश्तों के लिए समय नहीं
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में लोग संपर्क बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े थे, लेकिन लोग खुद तक सिमट गए। व्यक्तिगत संबंधों को समय नहीं दे पाने से रिश्तों की मिठास कम हो रही है।
40 फीसदी घट जाती है उत्पादकता
अमरीकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक चलाते हुए जब कोई अन्य काम करता है तो उसकी प्रोडक्टिविटी 40 फीसदी तक कम हो जाती है।
बेहतरी के लिए हो इस्तेमाल
विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट के युग में सोशल मीडिया से दूर रह पाना संभव नहीं है। इसलिए इसका इस्तेमाल क्रिएटिविटी बढ़ाने, ब्रांडिंग, रोजगार और अध्ययन के लिए किया जाना चाहिए।
कैसे छोड़ें लत
स्क्रीन की बजाय आसपास के पर्यावरण और रिश्तों की खूबसूरती पर ध्यान दें। नोटिफिकेशन से मन इस ओर खिंचता है, इसलिए इसे बंद कर सकते हैं। सिर्फ 7 दिनों के लिए सोशल मीडिया छोडऩे वाले लोगों की खुशी बढ़ी और उनके गुस्से और अकेलेपन की भावना में कमी आई है।