
Infant Botulism: शहद सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है। खासकर 1 साल से कम उम्र के बच्चे को शहद नहीं देना चाहिए। इसके बावजूद कुछ लोग बच्चे के जन्म के बाद उसे शहद चटाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि ऐसा करने से क्यों मना किया जाता है और इसका बच्चे के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार शहद में Clostridium botulinum बैक्टीरिया के स्पोर्स मौजूद हो सकते हैं। 1 साल से कम उम्र के बच्चे के पाचन तंत्र में पहुंचने के बाद ये स्पोर्स बैक्टीरिया का रूप ले सकते हैं, जो बोटुलिनम टॉक्सिन बना सकते हैं। यह टॉक्सिन बच्चे के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है और मांसपेशियों में कमजोरी पैदा कर सकता है। वहीं, अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार इन्फैंट बोटुलिज्म तब हो सकता है जब बच्चे Clostridium botulinum या इससे संबंधित बैक्टीरिया के स्पोर्स निगल लेते हैं। ये स्पोर्स बच्चे की बड़ी आंत में पहुंचकर बोटुलिनम न्यूरोटॉक्सिन बना सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार 1 साल से कम उम्र के बच्चों की आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में बोटुलिज्म पैदा करने वाले बैक्टीरिया के स्पोर्स बढ़कर टॉक्सिन बना सकते हैं। इसी वजह से बच्चे के पहले जन्मदिन से पहले शहद न देने की सलाह दी जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 1 साल से कम उम्र के बच्चे को शहद की बहुत थोड़ी मात्रा भी नहीं देनी चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) और अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, इन्फैंट बोटुलिज्म की शुरुआत में कब्ज, दूध पीने में परेशानी, पलक झुकना, चेहरे के भाव कम होना, कमजोर या बदली हुई आवाज में रोना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार बोटुलिनम न्यूरोटॉक्सिन नसों और मांसपेशियों के बीच होने वाले संकेतों को प्रभावित करता है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी और लकवे जैसी स्थिति हो सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार इन्फैंट बोटुलिज्म गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन इसका इलाज संभव है। समय पर इलाज मिलने से बच्चे के ठीक होने में मदद मिल सकती है।
अगर 1 साल से कम उम्र के बच्चे में अचानक कब्ज के साथ दूध पीने में परेशानी, कमजोर रोना, शरीर में ढीलापन या मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार 1 साल से कम उम्र के बच्चे को शहद न देना इन्फैंट बोटुलिज्म से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। इसके साथ ही अगर बच्चे में बोटुलिज्म जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।