
Dental Care टिप्स (representative image) image credit Magnific
Baby Teeth Care: बच्चे के दूध के दांत कुछ साल बाद गिर जाते हैं और उनकी जगह नए दांत आ जाते हैं। इसलिए कई माता पिता इन्हें ज्यादा जरूरी नहीं मानते। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या बच्चे के लिए दूध के दांत सच में जरूरी नहीं होते या इनकी सही देखभाल करना जरूरी होता है। बच्चे के लिए ये दांत क्यों महत्वपूर्ण होते हैं और इनकी देखभाल कैसे करनी चाहिए।
अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, ज्यादातर बच्चों में पहला दूध का दांत करीब 6 महीने की उम्र में निकलता है। आमतौर पर सबसे पहले नीचे के आगे वाले दांत दिखाई देते हैं। इसके बाद धीरे धीरे बाकी दूध के दांत निकलते हैं और करीब 3 साल की उम्र तक बच्चों के 20 प्राथमिक दांत आ जाते हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार, दूध के दांत बच्चे को खाना अच्छी तरह चबाने और साफ बोलने में मदद करते हैं। वहीं अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, दूध के दांत स्थायी दांतों के लिए सही जगह बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर कैविटी के कारण दूध का दांत समय से पहले निकल जाए, तो आसपास के दांत अपनी जगह बदल सकते हैं। इससे स्थायी दांतों के सही तरीके से आने में परेशानी हो सकती है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार, मुंह में मौजूद कुछ बैक्टीरिया खाने पीने से मिलने वाली शुगर का इस्तेमाल करते हैं और एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है और धीरे धीरे कैविटी हो सकती है। दूध और फॉर्मूला में मौजूद प्राकृतिक शुगर भी दांतों में सड़न की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है। इसलिए बच्चे के दांत निकलने के बाद उनकी नियमित सफाई करना जरूरी है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार, दांत निकलने से पहले भी बच्चे के मसूड़ों की सफाई शुरू की जा सकती है। हर फीड के बाद साफ और हल्के गीले कपड़े या गॉज से मसूड़ों को धीरे से पोंछें। दांत निकलने के बाद मुलायम ब्रिसल वाले छोटे टूथब्रश और चावल के दाने जितनी मात्रा में टूथपेस्ट से दांत साफ करें। शुरुआत में माता पिता को ही बच्चे के दांत ब्रश करने चाहिए।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार, बच्चे को बोतल मुंह में लेकर सुलाने से दूध या फॉर्मूला में मौजूद शुगर लंबे समय तक दांतों के संपर्क में रह सकती है। इससे दांतों में सड़न का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बच्चे को बोतल लेकर सोने की आदत न डालें।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) के अनुसार, बच्चे के शुरुआती सालों में खान पान और दांतों की सफाई की अच्छी आदतें आगे चलकर दांतों में सड़न के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं। दूध के दांत भले ही बाद में गिर जाते हैं, लेकिन बचपन में उनकी देखभाल बच्चे की आगे की डेंटल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
16 Sept 2026 12:41 pm
Published on:
16 Sept 2026 12:11 pm
