World Cancer Day 2026:कैंसर को लेकर जागरूकता आज सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रही है। अब बात रोजमर्रा की आदतों, खान-पान और जीवनशैली तक पहुंच चुकी है। World Cancer Day इसी सोच को आगे बढ़ाने का एक मौका है।
World Cancer Day 2026: हर साल 4 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व कैंसर दिवस सिर्फ जागरूकता का दिन नहीं बल्कि सेहत और रोकथाम की याद दिलाने वाला मौका भी है। World Cancer Day Organization के अनुसार, 2025–2027 की थीम “United by Unique” है, जो बताती है कि हर व्यक्ति का कैंसर सफर अलग होता है, लेकिन इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया एकजुट है। इसका फोकस इंसानियत और पर्सनल केयर पर है।कैंसर से बचाव में हमारे रोजमर्रा के भोजन और मसाले भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। खासकर भारतीय किचन के कुछ देसी मसाले अपने एंटी-कैंसर गुणों के लिए जाने जाते हैं। आइए जानें वो 5 भारतीय मसाले जो आपके स्वास्थ्य को मजबूत बनाने और कैंसर से लड़ने में मददगार हो सकते हैं।
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। Cancer Research UK के अनुसार, यह शरीर में सूजन कम कर सकता है और असामान्य कोशिकाओं की ग्रोथ को धीमा कर सकता है।
कैसे लें: सब्जी, दाल, सूप या गुनगुने दूध में चुटकी भर।
लाल मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन सूजन कम करने और फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है। National Institute of Health के अध्ययन बताते हैं कि यह हानिकारक कोशिकाओं को खुद नष्ट होने की प्रक्रिया के लिए प्रेरित कर सकता है।
कैसे लें: सीमित मात्रा में सब्जी या चटनी में।
अदरक में मौजूद जिंजरॉल और शोगाओल एंटीऑक्सीडेंट गुण रखते हैं। National Institute of Health के अध्ययन बताते हैं कि कि यह असामान्य कोशिकाओं के फैलाव को सीमित कर सकता है और पाचन तथा इम्युनिटी के लिए लाभकारी है।
कैसे लें: चाय, सब्जी, काढ़ा या सूप में।
National Institute of Health के अध्ययन बताते हैं कि दालचीनी में पॉलीफेनॉल्स और सिनामैल्डिहाइड जैसे तत्व होते हैं, जोकोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और असामान्य वृद्धि को धीमा कर सकते हैं।
कैसे लें: दलिया, फल, चाय या गुनगुने पानी में।
National Institute of Health के अध्ययन बताते हैं कि लहसुन में मौजूद एलिसिन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और पेट, कोलन और प्रोस्टेट से जुड़े जोखिम को कम कर सकता है। यह DNA रिपेयर प्रक्रिया को भी सपोर्ट करता है।
कैसे लें: कच्चा या हल्का भुना हुआ, दाल-सब्जी में।
ये मसाले इलाज नहीं, बल्कि सपोर्ट सिस्टम हैं। संतुलित आहार, नियमित जांच, डॉक्टर की सलाह और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही इनका सही लाभ मिलता है।इस World Cancer Day, आइए यह समझें कि सेहत की शुरुआत अक्सर हमारी रसोई से ही होती है। छोटे-छोटे रोज़मर्रा के फैसले मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।