Yoga for Healthy Heart: आज के इस लेख में हम दिल को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से योगासन करने चाहिए, जिससे दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहे और सही तरीके से अपना काम करे यह बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
Yoga for Heart: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खान-पान, ज्यादा तनाव और अधूरी नींद के कारण हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप लंबे समय तक फिट रहना चाहते हैं और अपने दिल को भी सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो योग को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं। योग का हमारे फेफड़ों और श्वसन तंत्र यानी रेस्पिरेटरी सिस्टम पर सीधा असर पड़ता है, जिसका प्रभाव हमारे दिल पर भी देखने को मिलता है। इसलिए आज के इस लेख में हम दिल को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से योगासन करने चाहिए, जिससे दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहे और सही तरीके से अपना काम करे यह बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
योग की शुरुआत हमेशा आसान आसनों से करनी चाहिए, जो शरीर में लचीलापन और संतुलन लाने में मदद करते हैं। ताड़ासन (Mountain Pose) दिल को मजबूत बनाने और शरीर को सक्रिय करने की पहली सीढ़ी माना जाता है। इसके बाद वृक्षासन (Tree Pose) का अभ्यास मन को शांत करता है और शरीर में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। शांत मन दिल को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। वहीं त्रिकोणासन (Triangle Pose) सीने को फैलाने में मदद करता है, जिससे गहरी सांस लेना आसान होता है और शरीर का स्टैमिना बढ़ता है। इसके अलावा वीरभद्रासन (Warrior Pose) तनाव कम करने और हार्ट रेट को नियंत्रित रखने में काफी मददगार होता है।
जब आपका शरीर थोड़ा लचीला हो जाए और योग करने की आदत बन जाए, तो आप थोड़े कठिन आसनों की ओर बढ़ सकते हैं। उत्कटासन (Chair Pose) शरीर में गर्मी पैदा करता है और सांसों की गति को बढ़ाता है, जिससे शरीर अंदर से मजबूत होता है। इसके बाद मार्जरीआसन (Cat Pose) एक रिलैक्सिंग आसन है, जो बढ़ी हुई दिल की धड़कन को सामान्य करने में मदद करता है। इसके अलावा अधोमुख श्वानासन (Downward Dog Pose) और डॉल्फिन पोज शरीर को तुरंत ऊर्जा देने और ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। वहीं डॉल्फिन प्लैंक खास तौर पर दिल की पंपिंग क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
दिल तक खून के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए पीछे झुककर किए जाने वाले आसन काफी प्रभावी माने जाते हैं। भुजंगासन (Cobra Pose) और स्फिंक्स पोज जैसे आसन सीने को फैलाते हैं और कंधों में अच्छा खिंचाव पैदा करते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है। इसी तरह धनुरासन (Bow Pose) पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है और दिल वाले हिस्से को सक्रिय बनाता है। सेतुबंधासन (Bridge Pose) छाती में रक्त प्रवाह को सुधारता है और गहरी सांस लेना आसान बनाता है। इसके अलावा अर्ध मत्स्येंद्रासन (Half Spinal Twist) रीढ़ की हड्डी पर काम करते हुए छाती के दोनों हिस्सों को बारी-बारी से खोलने में मदद करता है।
योग खत्म करते समय शरीर को पूरी तरह रिलैक्स करना बहुत जरूरी होता है, ताकि शरीर दोबारा तरोताजा महसूस कर सके। इसके लिए आप सलंब सर्वांगासन (Half Shoulder Stand) कर सकते हैं। यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और दिल को जरूरी आराम देता है। इसके बाद पश्चिमोत्तानासन करने से सिर दिल के स्तर से नीचे आ जाता है, जिससे हार्ट रेट कम होने में मदद मिलती है और थकान दूर होती है। इसके साथ ही दंडासन (Stick Pose) बैठने की मुद्रा को सुधारता है और सीने को फैलाने में मदद करता है। सबसे आखिर में शवासन (Corpse Pose) और अंजलि मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए। ये शरीर की थकान दूर करने के साथ-साथ तनाव और घबराहट को कम करते हैं और भविष्य में होने वाली बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसका दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज से कोई संबंध नहीं है। यदि आपको पहले से दिल की कोई बीमारी है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या किसी प्रशिक्षित योगाचार्य से सलाह जरूर लें।