Yoga for Periods : पीरियड्स के दौरान योग करना फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ योगासन करना नुकसानदेह भी हो सकता है। आइए योग गुरु से जानते हैं।
Period Yoga : पीरियड्स के दौरान योग करने से शरीर को रिलैक्स करने, लचीलापन बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलता है। इन योगासन को सही तरकी से करने पर पीरियड्स के दौरान आराम मिलने के साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद मिलता है। आइए, योग गुरु हिमालयन सिद्धा अक्षर से जानते हैं।
पीरियड्स के दिनों में बद्ध कोणासन (तितली आसन) पेल्विक मांसपेशियों (pelvic muscles) में रक्त संचार को बेहतर बनाकर जकड़न कम करने के साथ ही मासिक धर्म के दर्द और ऐंठन से राहत देने में मददगार होता है।
कैसे करें:
• आराम से बैठकर दोनों पैरों को सामने फैलाएं।
• अब घुटनों को मोड़कर दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
• पैरों को हाथों से पकड़े और तितली के पंखों की तरह घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करें।
पीरियड्स के दिनों में बालासन (चाइल्ड पोज) करने से पेट के निचले हिस्से और पीठ के दर्द (Cramps) से राहत मिलने के साथ ही नर्वस सिस्टम को शांत करने में भी मदद मिलती है।
कैसे करें:
• मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और एड़ियों पर बैठें।
• हाथों को सामने की ओर फैलाएं और सिर को जमीन की तरफ झुकाएं।
• धीरे-धीरे गहरी सांस लें और कुछ देर इसी स्थिति में आराम करें।
सुप्त बद्ध कोणासन का मासिक धर्म के दौरान अभ्यास करने से पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर होता है। जिससे पेल्विक मांसपेशियों को आराम मिलने के साथ ही इन दिनों होने वाली थकान कम कर शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिलता है।
कैसे करें:
• पीठ के बल लेट जाएं।
• पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की ओर ढीला छोड़ दें।
• हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें और गहरी सांस लें।
कैसे करें:
• पेट के बल लेट जाएं और हाथों को छाती के पास रखें।
• शरीर के निचले हिस्से को जमीन पर रखते हुए छाती को ऊपर उठाएं।
• कुछ सेकंड रुकें और गहरी सांस लें।
कैसे करें:
• पैरों को थोड़ा दूर रखें।
• घुटनों को मोड़ते हुए नीचे बैठ जाएं।
• हाथों को छाती के सामने जोड़ लें।
कैसे करें:
• पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ लें।
• धीरे-धीरे कमर और कूल्हों को ऊपर उठाएं।
• ध्यान रखें कि कंधे और पैर जमीन से न उठें।
पीरियड्स के दौरान शीर्षासन (Headstand), सर्वांगासन (Shoulder Stand) और चक्रासन (Wheel Pose) जैसे कठिन योगासन करने से बचना चाहिए क्योंकि ये पेट और शरीर पर ज्यादा दबाव डाल सकते हैं।