Yoga For Period Cramps: पीरियड्स के दौरान होने वाला पेट और कमर दर्द सर्दियों में ज्यादा परेशान कर सकता है। ऐसे में सही योगासन अपनाने से क्रैम्प्स कम होते हैं और शरीर को प्राकृतिक राहत मिलती है।
Yoga For Period Cramps: पीरियड्स के दौरान पेट और कमर में होने वाला दर्द और ऐंठन कई महिलाओं के लिए काफी परेशान कर देने वाला होता है, खासकर सर्दियों में। सही योगासन अपनाने से न केवल ये क्रैम्प्स कम होते हैं, बल्कि शरीर में तनाव और थकान भी दूर होती है। ये आसान और सुरक्षित योगासन महिलाओं को प्राकृतिक राहत देते हैं और पीरियड्स के दिनों को आरामदायक बनाने में मदद करते हैं।
सर्दियों में ठंड की वजह से नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे पेट और पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम हो सकता है और दर्द बढ़ जाता है। धूप कम मिलने से विटामिन D का स्तर भी घट सकता है, जो पीरियड पेन को बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है। इसके अलावा ठंड के कारण मांसपेशियों में जकड़न आ जाती है और ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे गर्भाशय को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इन सभी वजहों से सर्दियों में पीरियड्स ज्यादा भारी, दर्दनाक और थकाने वाले लग सकते हैं।
यह सबसे सरल और आरामदायक पोज है, जिसे कोई भी कर सकता है। पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों के नीचे एक तकिया और सिर के नीचे दूसरा तकिया रखें। यह पोज पेल्विक एरिया को सपोर्ट देता है और ब्लड फ्लो को बेहतर करने में मदद कर सकता है। ठंड के दिनों में इसे कंबल ओढ़कर करना ज्यादा सुकून देता है।
चाइल्ड पोज पीरियड्स के दौरान पीठ और कमर के दर्द को शांत करने के लिए बहुत फायदेमंद है। घुटनों के बल बैठकर आगे की ओर झुकें और माथा जमीन पर टिकाएं। चाहें तो पेट के नीचे एक तकिया रख सकती हैं। यह मुद्रा शरीर को रिलैक्स करती है और ऐंठन की तीव्रता कम कर सकती है।
पीरियड्स में यह पोज थोड़ा चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन सही तरीके से करने पर राहत दे सकता है। घुटनों के बल बैठकर धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें, हाथों से एड़ियां पकड़ें और छाती को ऊपर की ओर खोलें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में सांस लेते रहें। यह गर्भाशय की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे संकुचन आसान हो सकता है। अगर ज्यादा खिंचाव लगे तो इसे हल्के वर्ज़न में करें।
अगर दर्द ज्यादा है और योग करने का मन नहीं है, तो यह पोज़ तुरंत आराम दे सकता है। पीठ के नीचे एक तकिया रखकर उसके ऊपर लेट जाएं। इससे पेट हल्का-सा स्ट्रेच होता है। अतिरिक्त राहत के लिए निचले पेट पर गर्म पानी की थैली रख सकती हैं। ठंड में यह तरीका खास तौर पर असरदार होता है।