प्रदेश की जनता को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से आगरा एक्सप्रेस-वे के तौर पर सबसे बड़ी सौगात शुक्रवार को मिली।यह एक्सप्रेस-वे जनता के लिए खोल दिया गया है। अब लोग इस पर फर्राटे भरते हुए महज ६ घंटों में लखनऊ से दिल्ली पहुंच जाएंगे। अखिलेश के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि एक्सप्रेस-वे पर वाहन तो फर्राटा भरेंगे ही आपात स्थित में इसे हवाई पटटी के रूप में भी प्रयोग किया जा सकेगा। इस बात की तस्दीक उद्घाटन समारोह के दिन भारतीय वायुसेना के जहाजों ने की थी।
आइए इस मौके पर एक बार नजर डालते हैं कि अखिलेश के वे कौन-कौन से काम हैं जो इस चुनावी रण में बोलते नजर आएंगे...
आगरा एक्सप्रेस-वे अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था। अखिलेश सरकार के मुताबिक यह देश का सबसे लंबा 6 लेन एक्सप्रेस वे है। आपको बता दें कि 370 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को बनाने में तेरह हजार दो सौ करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके जरिए आप दिल्ली से लखनऊ अब सिर्फ छह घंटे में पहुंच जाएंगे। एक्सप्रेस-वे उन्नाव, कानपुर, हरदोई, औरैया, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा और फिरोजाबाद से आगरा को जोड़ेगा। यहीं नहीं, एक्सप्रेस-वे के रास्ते में गंगा समेत पांच नदियां भी पड़ेंगी। इन्हें पार करने के लिए एक्सप्रेस वे पर 13 बड़े और 52 छोटे पुल व चार आरओबी बने हैं। सड़क पर आवाजाही में कोई रुकावट न हो इसका विशेष ध्यान रखते हुए132 फुट ओवरब्रिज और गांव व कस्बों की सुविधा के लिए 59 अंडरपास दिए गए हैं।
108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर और जनसामान्य के लिए सुगम बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए समाजवादी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई भी व्यक्ति 108 पर काॅल करके निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए घर से अस्पताल लाने और वापस घर तक छोड़ने की व्यवस्था से मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना को नही करना पड़ता। देश के किसी प्रदेश में इतनी एम्बुलेंस सेवा का नेटवर्क नहीं है, इसकी शुरुआत भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हरी झंडी दिखाकर की थी।
सूबे में जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार रही है, तब-तब विपक्ष के पास सबसे बड़ा मुद्दा कानून व्यवस्था का ही रहा है। इस बार सत्ता में रहने के दौरान अखिलेश ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई प्रयास किए हैं। यूपी पुलिस को आधुनिक बनाने की दिशा में 100 यूपी और 1090 जैसी हेल्पलाइन सुविधा शुरू की। दावा है कि यूपी 100 सुविधा के बाद अब घटनास्थल पर पुलिस 20 मिनट के भीतर पहुंचेगी। इसके अलावा यूपी पुलिस को ट्विटर पर एक्टिव करने और पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की शुरुआत भी अखिलेश के शासनकाल की ही देन है।
उत्तर प्रदेश परिवहन द्वारा ग्रामीण इलाकों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए करीब एक साल पहले लोहिया ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई थी। लोहिया ग्रामीण बसों का किराया यूपी की रोडवेज बसों से 20 प्रतिशत कम तय किया गया है। इस योजना से अब उन गांवों तक भी सस्ता यातायात पहुंच गया है जहां पहले सरकारी बसों की पहुंच नहीं थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार की योजना पूरे प्रदेश में 1500 लोहिया ग्रामीण बस चलाने की थी।
25 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की गरीब जनता के स्वास्थ्य और भोजन के स्वाद से जुड़ी एक खास योजना शुरू की 'समाजवादी नमक' योजना। समाजवादी नमक को पायलट प्रोजेक्ट के तौर 10 जिलों में शुरू किया जाएगा। इस सरकारी योजना के तहत गरीब लोगों को आयोडीन युक्त नमक मुहैया कराया जाना है। पहले चरण में जिन 10 जिलों में समाजवादी नमक बंटे जायेंगे वे हैं- लखनऊ, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, हमीरपुर, फैजाबाद, संतकबीरनगर, मऊ।