2017 का विधानसभा चुनाव होगा कुछ खास, ये 5 बातें बदलेंगी राजनीति की तस्वीर

इस विधानसभा चुनाव की खातिर चुनाव आयोग ने की है खास तैयारी, ये बातें होंगी पहली बार

2 min read
Jan 04, 2017
UP Politics
लखनऊ।
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बुधवार को पांच राज्यों (उत्र प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर) में चुनाव की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पांचों राज्यों में आचार संहिता भी लागू कर दी गई है। आपको बता दें कि पांच राज्यों की कुल 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इन चुनावों में करीब 16 करोड़ मतदाता वोट करेंगे जिनके लिए कुल 1.85 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इस बार के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग कुछ नई बातें लागू करने की तैयारी कर चुका है, ताकि राजनीति की तस्वीर थोड़ी बेहतर हो सके। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही बातें जो इस चुनाव में होंगी खास...


ये बातें होंगी खास


- चुनाव में इस बार पेड न्यूज पर पैनी नजर, इस बार टीवी चैनलों पर भी रखी जाएगी निगरानी। पेड न्यूज का खर्चा जुड़ेगा उम्मीदवार के खाते में।

- एक उम्मीदवार केवल 28 लाख रुपए खर्च कर सकेगा। (गोवा और मणिपुर में लिमिट 20 लाख रुपए की)

- 20हजार से ज्यादा चुनावी कर्ज और चुनावी चंदा चेक से ही लेना होगा। प्रत्याशियों को अपना बैंक अकाउंट भी खुलवाना होगा।

- प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की खातिर नो डिमांड हलफनामा भी देना होगा। इसके साथ ही साथ प्रत्याशी को बकाया का शपथ पत्र भी देना होगा।

- चुनाव आयोग पहली बार प्रदूषण भी रखेगा नजर, प्लास्टिक के अलावा रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा।


403 सीटों पर सात चरणों में होंगे चुनाव


पहला चरण-
15 जिलों के 73 सीटों पर चुनाव 11 फरवरी

दूसरा चरण-
13 जिलों के 67 सीटों पर चुनाव 15 फरवरी

तीसरा चरण-
12 जिलों के 69 सीटों पर चुनाव 19 फरवरी

चौथा चरण-
12 जिलों की 53 सीटों पर चुनाव 23 फरवरी

पांचवां चरण-
11 जिलों के 52 सीटों पर चुनाव 27 फरवरी

छठवां चरण-
7 जिलों की 49 सीटों पर चुनाव 4 मार्च

सातवां चरण-
7 जिलों की 40 सीटों पर चुनाव 8 मार्च


(11 मार्च को एक साथ काउंटिंग की जाएगी)


पिछली बार भी सात चरणों में हुआ था चुनाव


2012 में हुआ पिछला विधानसभा चुनाव भी सात चरणों में ख़त्म किया गया था। चुनावों में समाजवादी पार्टी 224 सीटों पर विजय प्राप्त करके सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। सपा से मुख्यमंत्री चेहरा बने अखिलेश यादव ने खुद को एक बेहतरीन नेता साबित किया।2012 के चुनाव में सत्तारूढ़ बसपा दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस गठबंधन चौथे स्थान पर खिसक गया था।
Published on:
04 Jan 2017 01:52 pm
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