लखनऊ

लखनऊ सहित देश की 56 छावनियों के निर्वाचित सदन 10 फरवरी से होंगे भंग, वैरी बोर्ड लगाने का आदेश

राजधानी लखनऊ सहित देश की 56 छावनियों के निर्वाचित सदन 10 फरवरी से भंग कर दिए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने 11 फरवरी से एक साल के लिए वैरी बोर्ड लगाने के आदेश दे दिए हैं

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Feb 03, 2021
लखनऊ सहित देश की 56 छावनियों के निर्वाचित सदन 10 फरवरी से होंगे भंग, वैरी बोर्ड लगाने का आदेश

लखनऊ. राजधानी लखनऊ सहित देश की 56 छावनियों के निर्वाचित सदन 10 फरवरी से भंग कर दिए जाएंगे। 11 फरवरी से छावनी की कमान प्रशासन के हाथ में पहुंच जाएगी। महानिदेशालय रक्षा संपदा में तैनात डिप्टी डायरेक्टर राजेश कुमार शाह की ओर से मध्य कमान रक्षा संपदा सहित सभी मुख्यालयों को आदेश जारी हो गया है। आदेश में 11 फरवरी से वैरी बोर्ड लगाने को कहा है। इसके तहत छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी मुख्य भूमिका में होंगे। उनके साथ परिषद अध्यक्ष व जीओसी मेजर जनरल राजीव शर्मा सैन्य प्रशासन का प्रतिनिधित्व करेंगे। जबकि जनता की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए एक उपाध्यक्ष को रक्षा मंत्रालय नामित करेगा।

लखनऊ छावनी परिषद से मंत्रालय को तीन नाम भेजने की तैयारी है। इसमें वर्तमान उपाध्यक्ष रूपा देवी और पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा का नाम भी शामिल है। इससे पहले 2002 से 2008 तक रक्षा मंत्रालय ने वैरी बोर्ड लगाने का आदेश दिया था। छावनी परिषद अधिनियम 2006 बनने के बाद वर्ष 2008 में लखनऊ के आठ वार्डों के चुनाव हुए थे। इसका पांच साल का कार्यकाल मई 2013 में पूरा हुआ। छह-छह माह के दो विस्तार के बाद वैरी बोर्ड लगा दिया गया था। इसके बाद फरवरी 2015 में दोबारा चुनाव हुए। फरवरी 2020 में कार्यकाल पूरा होने के बाद रक्षा मंत्रालय ने छह-छह माह के लिए दो विस्तार के बाद वैरी बोर्ड लगाए। अब छावनी परिषद का चुनाव छावनी परिषद अधिनियम 2006 में संशोधन कराने के बाद कराया जाएगा।

क्या होता है वैरी बोर्ड

निवार्चित सदन के भंग होने के बाद जनता की श‍िकायतों का निराकरण सैन्‍य प्रशासन की ओर से छावनी परिषद अध्यक्ष (जो क‍ि सैन्‍य अध‍िकारी होते हैं) करते हैं। इनके साथ परिषद के मुख्‍य अध‍िशासी अफसर भी शिकायत का निराकरण करते हैं। इनमें जनता की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए एक उपाध्यक्ष होता है, जिसे रक्षा मंत्रालय की ओर से नामित किया जाता है।

Published on:
03 Feb 2021 02:46 pm
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