कोरोना वायरस (Covid-19) का हो हल्ला पूरी दुनिया में है। इस महामारी से अब तक पूरे देश में लाखों लोगों की जान जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में भी कई लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। यहां तक कि कम उम्र के लोग भी अब महामारी का शिकार हो रहे हैं। लेकिन सूबे में अब तक जितनी मौत हुई हैं उनमें 56 फीसदी ऐसे लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है, जिन्हें कोरोना वायरस से पहले कोई बीमारी नहीं थी।
लखनऊ. कोरोना वायरस (Covid-19) का हो हल्ला पूरी दुनिया में है। इस महामारी से अब तक पूरे देश में लाखों लोगों की जान जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में भी कई लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। यहां तक कि कम उम्र के लोग भी अब महामारी का शिकार हो रहे हैं। लेकिन सूबे में अब तक जितनी मौत हुई हैं उनमें 56 फीसदी ऐसे लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है, जिन्हें कोरोना वायरस से पहले कोई बीमारी नहीं थी। इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल (आईसीएमआर) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से जितनी मौत हुई हैं, उनमें करीब 44 फीसदी 30 से 59 साल के लोग थे। कोरोना वायरस से सबसे अधिक मौत प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई है। इसके बाद मेरठ, बनारस, कानपुर नगर और गोरखपुर में हुई है। मेरठ में मृत्यु दर 2.4 फीसदी है। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमरोहा, फतेहपुर, मथुरा, आजमगढ़, बहराइच, संभल, रायबरेली, सिद्धार्थनगर, अमेठी और कासगंज में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादात बढ़ती जा रही है।