
Abu Asim Azmi Sonia Gandhi Statement: समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू असीम आजमी ने मुंबई में सोनिया गांधी के संघर्ष और त्याग की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पति की हत्या के बाद भी सोनिया ने देश नहीं छोड़ा और निरंतर संघर्ष करती रहीं। साथ ही उन्होंने शरद पवार के कद को सराहा तथा एनसीपी गुटों के विलय पर अपनी राय रखी। प्रदूषण की समस्या पर कृत्रिम तालाबों के माध्यम से धार्मिक जरूरतों को पूरा करने का सुझाव भी दिया। उनके इन बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को नई दिशा दी है।
अबू आजमी ने कहा कि सोनिया ने देश के लिए बहुत मेहनत की है। उनके पति की हत्या कर दी गई, लेकिन उन्होंने यहां से जाना नहीं चुना। वे जुड़ी रहीं और संघर्ष करती रहीं। उन्होंने जो किताब लिखी है, वह सिर्फ उनके बारे में नहीं है। देश के ज्यादातर लोग आज महसूस करते हैं कि 2014 के बाद देश की सामाजिक संरचना पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने सोनिया गांधी के योगदान और उनके संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि वे देश के प्रति समर्पित रहीं।
एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर अबू आजमी ने कहा कि विलय अच्छी बात है। अगर दोनों एनसीपी गुट विलय कर लें तो मुझे खुशी होगी। लेकिन अगर विलय के बाद वे एनडीए में चले जाते हैं, तो मेरा मानना है कि शरद पवार का कद बहुत बड़ा है। आज भारत में शरद पवार बहुत सम्मानित और बड़े नेता हैं। मैं हमेशा उनकी तारीफ करता हूं, क्योंकि बीमारी और इस उम्र के बावजूद वे पैसे के लिए काम नहीं करते। वे देश के प्रति समर्पित हैं और देश के लिए काम करते हैं। उन्होंने शरद पवार के योगदान और उनके सिद्धांतों की सराहना की।
प्रदूषण की समस्या पर बोलते हुए अबू आजमी ने कहा कि प्रदूषण की समस्या पूरी दुनिया में बहुत बढ़ गई है। अगर कुछ तालाब बनाकर, कृत्रिम तालाब बनाकर यह पूजा पूरी हो जाए और धार्मिक जरूरतें पूरी हो जाएं, तो इसका जरूर पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक परंपराओं को जोड़ने का सुझाव दिया।
अबू आजमी के इन बयानों से सपा की महाराष्ट्र इकाई की सोच साफ झलकती है। एक तरफ वे कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संघर्ष को रेखांकित कर रहे हैं, दूसरी तरफ शरद पवार जैसे नेताओं के कद को स्वीकार करते हुए विपक्षी एकता की बात कर रहे हैं। प्रदूषण जैसे मुद्दे पर उनका सुझाव व्यावहारिक समाधान की दिशा में है।