राजधानी में सिरफिरे के खौफ के चलते आत्महत्या करने वाली सारिका के गुनहगार को लखनऊ पुलिस 48 घंटे बीत जाने के बावजूद नहीं पकड़ पाई है। पुलिस के पास आरोपी अजय विश्वकर्मा की फोटो और उससे जुड़ी डिटेल्स तक मौजूद है। इसके बावजूद अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
सिरफिरे के गुस्से के चलते मेडिकल छात्रा सारिका ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि अजय विश्वकर्मा नाम का एक छात्र जो खुद भी एमबीए का स्टूडेंट है, उसे रोज परेशान करता था। छेड़खानी इस कदर बढ़ी थी कि कई बार छात्रा ने अपने साथ हो रही छेड़खानी और परेशानी की बात घरवालों को भी बताई थी।
आरोपी अजय अक्सर उस छात्रा के मोबाइल पर फोन करके उसे परेशान करता था। इसके बाद शुक्रवार को आरोपी की धमकियों के डर के चलते सारिका ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले का आरोपी अजय विश्वकर्मा अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
दो टीमें कर रही हैं तलाश
इस मामले की जांच में जुटे सीओ गाजीपुर दिनेश पुरी ने बताया है कि आरोपी अजय की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगा दी गई हैं। टीमों ने कई लोगों से गहनता से पूछताछ भी की है। साथ ही मामले की जांच भी की गई है। इस दौरान कई अहम कड़ियां भी मिली हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें बलरामपुर समेत और भी स्थानों पर आरोपी की तलाश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने लिया था संज्ञान
मामला राजधानी का था। इसलिए सीएम ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए बीडीएस छात्रा सारिका की आत्महत्या मामले की जांच आईजी ए. सतीश गणेश को सौंप दी थी। इस मामले में एक दरोगा को लाइन हाजिर और गुडंबा थाने के दीवान को सस्पेंड भी किया गया है।