लखनऊ

10 करोड़ में आश्रम का सौदा कर महंत का किया कत्ल, नकली को गद्दी सौंपी

Mahant's murder revealed:हरिद्वार में एक महंत की निर्मम हत्या कर शव नहर में ठिकाने लगाने और उनके आश्रम की दस करोड़ रुपये में डील करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर इस घटना का सनसनीखेज खुलासा किया है।

2 min read
Oct 20, 2024
हरिद्वार में महंत की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है

Mahant's murder revealed:हरिद्वार में एक आश्रम के संत की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि बीते 17 अक्तूबर को उत्तराखंड के हरिद्वार के रुद्रानंद निवासी गौरी गीता आश्रम बिरला मंदिर रायवाला ने सूचना दी कि उनके गुरु ज्ञानलोक कॉलोनी स्थित श्रद्धाभक्ति आश्रम के परमाध्यक्ष महंत गोविंद दास जून पहले सप्ताह से गायब चल रहे हैं। पुलिस आश्रम पहुंची तो गद्दी पर रामगोपाल नाथ मौजूद मिला। संदेह होने पर पूछताछ में जो खुलासा हुआ उससे हर कोई चौंक गया। एसएसपी के मुताबिक कपड़े की फेरी लगाने वाला अशोक कुमार निवासी दिल्ली फरवरी से आश्रम में ठहरा हुआ था। उसकी महंत से 2021 से पहचान थी। उसके साथी ललित निवासी करनाल, संजीव त्यागी निवासी मुंडेत मंगलौर (हरिद्वार) और योगी रामगोपाल नाथ उर्फ गोपाल सिंह निवासी कानपुर उससे मिलने आते रहते थे। अशोक को पता चला कि महंत का कोई उत्तराधिकारी नहीं है। उसके बाद उन्होंने महंत की हत्या कर उनके आश्रम को 10 करोड़ रुपये में बेचने की साजिश रच डाली।

प्रॉपर्टी डीलर ने बनाई फर्जी वसीयत

महंत गोविंद दास की हत्या के बाद आरोपी आश्रम को बेचने की फिराक में थे। इस दरमियान शातिर आरोपियों ने बाद गोपाल सिंह को योगी रामगोपाल नाथ नाम देकर आश्रम की गद्दी पर बैठा दिया। वहीं दूसरी ओर संजीव त्यागी प्रॉपर्टी डीलर है, जिसकी मदद से संत के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी वसीयतनामा तैयार किया गया। आश्रम को दस करोड़ में बेचने की तैयारी थी। ऐन मौके पर उनका भांडा फूंट पड़ा। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि दो लोग फरार चल रहे हैं।

नशे का इंजेक्शन लगाकर किया बेहोश

अशोक ने ललित, संजीव, गोपाल के साथ ही वेस्ट यूपी के ही सौरभ और प्रदीप से मिलकर महंत की हत्या की साजिश रची। इसी साल एक जून को आरोपियों ने नशे का इंजेक्शन लगाकर महंत को बेहोश किया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को स्कूटर पर ले जाकर लक्सर मार्ग पर गंगा की मुख्य धारा में फेंक दिया। सौरभ और प्रदीप के अलावा बाकी चारों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

लालच देकर बुलाया राम गोपाल

हत्या के बाद फर्जी बाबा राम गोपाल नाथ को पैसों का लालच देकर आश्रम की निगरानी के लिए बुलाया। महंत गोविंददास के बारे में पूछने पर धर्म प्रचार के लिए अयोध्या जाने की बात कहकर वह लोगों को टरकाते रहा। महेंद्र को ठिकाने लगाने के बाद आरोपियों ने आश्रम को बेचने की रणनीति तय की प्रॉपर्टी डीलर संजीव त्यागी से मिलकर मेहनत किया बिल्कुल वैसे ही हस्ताक्षर कर्जी वसीयतनामा तैयार किया और करीब 10 करोड़ में संपत्ति को बेचने की डील की गई।

Published on:
20 Oct 2024 08:32 am
Also Read
View All

अगली खबर