लखनऊ

कत्ल के बाद जला दी थी लाश, दूसरे शव को दर्शा दिया था पुष्पेंद्र, दो लोग दोषी करार

Sarkar Pushpendra Duggal murder case:शातिरों ने कत्ल के बाद बुजुर्ग के शव को जलाकर फर्जी तरीके से उनकी वसीयत अपने नाम करा ली थी। ट्रेन हादसे में मारे गए अन्य व्यक्ति का शव लोगों के सामने रख कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की। 18 साल बाद कोर्ट ने उस मामले में दो आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया है। दोनों दोषियों को कल सजा सुनाई जाएगी।

2 min read
Sep 22, 2024
देहरादून कोर्ट ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाया है

Sarkar Pushpendra Duggal murder case:कोर्ट ने देहरादून के कर्जन रोड स्थित मकान में 18 साल पहले हुए हत्याकांड के दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। ये वारदात साल जनवरी 2006 में हुई थी। सरदार पुष्पेंद्र सिंह दुग्गल कर्जन रोड पर अकेले अपने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी अलग मकान में रहती थीं। अचानक दुग्गल गायब हो गए थे। खोजबीन के बद भी उनका सुराग नहीं लगने पर परिजनों ने थाना डालनवाला में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच पता चला की पुष्पेंद्र सिंह दुग्गल की एक वसीयत जिला न्यायालय में दाखिल की गई है। दुग्गल के अधिवक्ताओं ने इसे देखते ही पहचान लिया कि वसीयत पर जो हस्ताक्षर हैं, वह दुग्गल के नहीं हैं। पुलिस जांच आगे बड़ी तो हत्याकांड का खुलासा हुआ था।

दूसरे व्यक्ति के शव को दर्शा दिया था दुग्गल

आरोपियों ने दुग्गल की संपत्ति हड़पने के लिए बड़ी साजिश रची थी। देहरादून में हत्या कर शव जलाने के बाद उन्होंने एक व्यक्ति, जिसकी ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी, उसे पुष्पेंद्र दुग्गल दर्शाते हुए पंजाब से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया था। इसी आधार पर ही दुग्गल की वसीयत तैयार की गई थी। दो आरोपियों को एडीजे द्वितीय महेश चंद कौशीबा की कोर्ट ने दोषी करार दिया है। हत्या में आरोपी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। जबकि, चौथे आरोपी को न्यायालय ने बरी कर दिया है। सोमवार को सजा का ऐलान होगा।

संपत्ति पर हक जताने आए संदिग्ध

मृतक दुग्गल की संपत्ति पर हक जताने के लिए मुस्लिम कॉलोनी निवासी कुतुबुद्दीन उर्फ सन्नू, तेजपाल सिंह निवासी बंजारावाला और महमूद मौके पर पहुंच गए थे। वह पुताई का काम करते थे। शक के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया उससे लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। उन्होंने बताया कि दुग्गल के पास कई संपत्तियां थीं। उन्होंने संपत्ति हड़पने का षड्यंत्र रचा। इसके लिए दुग्गल की हत्या कर शव को गैराज में छिपा दिया। अगले दिन शव को एक ड्रम में रखा और चंद्रबनी स्थित फायरिंग रेंज के पास ले जाकर जला दिया था।

Updated on:
22 Sept 2024 04:56 pm
Published on:
22 Sept 2024 04:54 pm
Also Read
View All

अगली खबर