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‘विस्तार से चर्चा करने के बाद…’ केंद्रीय बजट 2026 से पहले यूपी कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान

केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले यूपी सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बड़ा बायन दिया है।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Jan 31, 2026

केंद्रीय बजट 2026 पर बोले मंत्री सुरेश खन्ना

केंद्रीय बजट 2026 पर बोले मंत्री सुरेश खन्ना Source- FB

Union Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर कहा, "…केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी वर्गों, सभी ट्रेड के लोगों से विस्तृत चर्चा करने के बाद, सभी राज्यों का मत लेने के बाद जो बजट बनाया है वह निश्चित रूप से हम सभी की आकांक्षा और अपेक्षा को संतुष्ट करेगा। उत्तर प्रदेश को पहले से ही स्पेशल असिस्टेंट टू द स्टेट्स में काफी पैसा मिला है, हम उसका उपयोग भी कर रहे हैं। आगे भी हम उम्मीद करते हैं कि ये बजट उत्तर प्रदेश को लेकर काफी अच्छा होगा।"

कल पेश होगा केंद्रीय बजट 2026

केंद्रीय बजट 2026-27 कल पेश होने वाला है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसे संसद में पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और इतिहास में पहली बार रविवार को पेश हो रहा है।

बजट कब और कैसे पेश होगा?

बजट कल यानी 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो चुका है और 2 अप्रैल तक चलेगा। आप इसे टीवी पर, न्यूज चैनलों पर या सरकार की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर लाइव देख सकते हैं। आर्थिक सर्वे पहले ही 29 जनवरी को पेश हो चुका है, जिसमें अगले साल 6.8-7.2% जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है।

बजट कैसा रहने की उम्मीद है?

इस बजट में सरकार सतर्क और संतुलित रहने की कोशिश करेगी। बड़े ऐलान कम, लेकिन रणनीतिक फैसले ज्यादा होने की उम्मीद है। मुख्य फोकस इन क्षेत्रों पर रहेगा:-

इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स: पिछले सालों की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ सकता है, जो रोजगार पैदा करता है।
टैक्स राहत: सैलरीड क्लास को इनकम टैक्स में छूट या स्लैब में बदलाव की मांग जोरों पर है। स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकता है।
ग्रीन एनर्जी, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग: रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस सेक्टर और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिल सकता है।
एमएसएमई, एग्रीकल्चर और जॉब्स: छोटे कारोबार, किसानों और बेरोजगारी कम करने के लिए पैकेज की उम्मीद।
फिस्कल डिसिप्लिन: फिस्कल डेफिसिट को 4.5% से नीचे रखने की कोशिश होगी।

आम आदमी और इंडस्ट्री की उम्मीदें

आम लोग टैक्स में राहत, सस्ते घर, हेल्थकेयर और एजुकेशन पर फोकस चाहते हैं। इंडस्ट्री मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार की मांग कर रही है। ग्लोबल चुनौतियां जैसे अमेरिकी टैरिफ और महंगाई को ध्यान में रखकर बजट संतुलित होगा।

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