लखनऊ

पहले भी चंदा चोरी कर चुके चंपत राय, यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय का बड़ा आरोप

Ajay Rai accuses Champat Rai- चंदा चोरी मामले में चंपत राय पर यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय का नया आरोप, पूर्व पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
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Jul 08, 2026
Ajay Rai
Ajay Rai उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय। PC: IANS

Champat Rai -अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे देने के बाद भी चंपत राय, कांग्रेस के निशाने पर है। यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने उनपर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंपत राय पहले भी चंदा चोरी कर चुके हैं। अजय राय ने चंपत राय पर मंदिर के लिए ज़मीन खरीदने में घोटाला करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ट्रस्ट को भंग करने और शंकराचार्यों द्वारा नामित लोगों को ट्रस्ट में शामिल करने की भी मांग की।

अजय राय ने कहा, "चंपत राय बंसल शुरू से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उस समय वे अशोक सिंघल के करीबी थे और उन्होंने वहां अपना आधार बढ़ाया। तब भी, एक टीम के तौर पर उन्होंने चंदे की चोरी की थी।

मंदिर के लिए ज़मीन खरीदने में जबर्दस्त घोटाला किया

यूपी कांग्रेस प्रमुख ने चंपत राय पर राम मंदिर के नाम पर जमीन घोटाले का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने मंदिर के लिए ज़मीन खरीदने में जबर्दस्त घोटाला किया। अजय राय ने कहा अब चंपत राय ने भगवान राम का पैसा चुराया है। अगर उन्हें पता था कि ऐसा हो रहा है, तो उन्हें इस बारे में बोलना चाहिए था।

कांग्रेस नेता अजय राय ने सरकार से चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी और गोपाल राव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को ट्रस्ट को भंग कर देना चाहिए। अजय राय ने इसमें शंकराचार्यों द्वारा नामित लोगों और अयोध्या के प्रतिनिधियों को ट्रस्ट में शामिल करने की भी मांग की।

बयानों में भारी विरोधाभास

इस बीच जिला जेल में बंद 5 आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव, कारुणेश पांडे और मनीष यादव से रविवार को जेल में गहन पूछताछ की गई, उनके बयानों में भारी विरोधाभास मिला। अयोध्या पुलिस मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एजेंसियों की मदद लेने की तैयारी कर रही है।

पुलिस का मानना है कि आरोपी इस साजिश के पीछे छिपे असली चेहरों को लेकर लगातार गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस इन सभी का पॉलीग्राफ (लाइ डिटेक्टर) और नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने की तैयारी में है। वह जल्द कोर्ट से इसकी अनुमति मांग सकती है। पुलिस का मानना है कि इन परीक्षणों से साफ हो जाएगा कि यह आरोपी खुद गड़बड़ी कर रहे थे या मंदिर के दान प्रबंधन प्रणाली के भीतर सक्रिय संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे।

Updated on:
08 Jul 2026 12:26 pm
Published on:
08 Jul 2026 12:24 pm