
अखिलेश यादव (फाइल फोटो- पत्रिका)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party National President Akhilesh Yadav) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने भारत और दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दामों की तुलना करते हुए निशाना साधा है। अखिलेश ने लिखा- भाजपा की 'धर्म' और 'धन' दोनों राजनीति का अंत हो गया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट करते हुए बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
सपा प्रमुख ने 'X' पर लिखा- भाजपा की 'धर्म' और 'धन' दोनों राजनीति का अंत हो गया है। दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी कमी आई है। दूसरे देशों की पब्लिक को तेल के घटे दामों के रूप में लाभ मिला है, लेकिन इसके विपरीत भारत में भाजपा सरकार दाम नहीं घटा रही है। कंपनियों को लगातार फायदा पहुंचाने में लगी है। भाजपा सरकार कंपनियों की सगी है, जनता की नहीं।
अखिलेश ने आगे लिखा- भारत में तेल या किसी भी चीज के दाम का अपना अनोखा 'भ्रष्ट अर्थशास्त्र' है। जो मांग-आपूर्ति से नहीं, बल्कि भाजपाई कमीशनखोरी से चलता है। जो कंपनियों के मुनाफे से जुड़ा है। सामान्य शब्दों में कहें तो कंपनियों का प्रॉफिट-लाभ जितनी ज्यादा होगा। भाजपा को कमीशन भी उतना ज्यादा मिलेगा। इसीलिए हमारे यहां हर चीज के दाम बढ़ने या कुल मिलाकर कहें कि महंगाई बढ़ने का कारण भाजपा की कमीशनखोरी है। जिसका खामियाजा आम जनता को महंगे तेल, परिवहन, यातायात, खाद्य पदार्थ व अन्य सभी सामान खरीद कर भुगतना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भी बीजेपी पर हमला बोला है। अखिलेश ने लिखा- जिन अनभिज्ञ, भोले-भाले समर्थकों को लगता था कि भाजपा ऐसा निकृष्ट कार्य नहीं कर सकती है। मंदिर-चोरी के बाद उनको भी समझ आ गया है कि भाजपाइयों के लिए 'धन' ही धर्म है। अब तो भाजपा और उनके संगी-साथियों को देखकर लोग दरवाजा बंद कर ले रहे हैं।
सपा मुखिया ने लिखा- भाजपा की धर्म की राजनीति का अंत हो गया है। इसीलिए वो अब केवल 'धन' की राजनीति करेगी। इससे भ्रष्टाचार भी बेतहाशा बढ़ेगा और महंगाई भी क्योंकि भाजपा के जिन करोड़ों वोटों में कमी आई है। उन वोटों की कमी को भाजपा पैसे से खरीद कर पूरा करना चाहेगी, लेकिन धर्म के नाम पर की गई चोरी के पैसों को कोई नहीं लेना चाहेगा।
यही 'अधर्मी भाजपा' की सबसे बड़ी चिंता है। भारत की धर्मभीरू जनता पाप के पैसों की हिस्सेदार नहीं बनेगी। अखिलेश ने आगे लिखा- 'चढ़ावा-चंदा-दान' चोरी के खुलने की वजह से भाजपा की 'धर्म' और 'धन' दोनों राजनीति का अंत हो गया है। भाजपा अब कहीं की नहीं रही। जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!
Updated on:
07 Jul 2026 03:44 pm
Published on:
07 Jul 2026 03:26 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
