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चंपत राय को खतरा बढ़ा, और कड़ी की सुरक्षा, जानिए अब कहां रह रहे पूर्व महासचिव

Shri Ram Temple Ayodhya Case- इस्तीफे के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बेहद कड़ी सुरक्षा में, किसी से नहीं मिलने दे रही पुलिस
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लखनऊ

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deepak deewan

Jul 08, 2026

Champat Rai security

Champat Rai security चंपत राय फोटो सोर्स- patrika.com

Champat Rai -अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी के मामले में घिरे चंपत राय, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा दे चुके हैं। अब उन्होंने कहा ​है कि सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी। चंपत राय ने अपने एक्स हेंडल पर खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि मेरा करीब 45 सालों का सार्वजनिक जीवन बिल्कुल खुली किताब की तरह है। उन्होंने यह भी कहा है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मैं हर आरोपों का तथ्य पूर्वक जवाब दूंगा। इस बीच चंपत राय पर खतरा बढ़ गया है जिसके बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। वे अभी रामकोट में अकेले रह रहे हैं। इधर विहिप ने स्पष्ट कर दिया है कि चंपत राय संगठन के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे। वे अपना कामकाज विधिवत कर रहे हैं।

पूर्व महासचिव चंपत राय ने चंदा चोरी के आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पहली बार सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। उन्होंने X अकाउंट पर कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोपों और दुष्प्रचार का जवाब दूंगा। चंपत राय ने सभी राम भक्तों को एक खुला पत्र लिखा। उन्होंने इसमें कहा कि राम मंदिर में दान राशि की चोरी को लेकर मेरे ऊपर अनर्गल आरोप लगाए गए हैं। आप सभी को विश्वास दिलाता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद मैं सच्चाई बताउंगा।

ट्रस्ट की बैठक में सोमवार को SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई थी। इसे गोपनीय कहा जा रहा था लेकिन अब यह वायरल हो चुकी है। चंपत राय ने श्रीरामचरितमानस की चौपाई लिखी

  • ‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी’। यानि धैर्य, धर्म, दोस्त और पत्नी की वास्तविक परीक्षा संकट काल में ही होती है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय की सुरक्षा को खतरा है। ऐसे में उन्हें बेहद कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। चंपत राय अब रामकोट में तीर्थ क्षेत्र पुरम में रह रहे हैं। वहां वह बिल्कुल अकेले ही रह रहे हैं। सुरक्षाकर्मी, किसी को चंपत राय से नहीं मिलने दे रहे। विहिप से जुड़े पदाधिकारियों को भी उनसे मिलने में खासी दिक्कत आ रही है। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की इजाजत के बिना चंपत राय से अब कोई नहीं मिल पा रहा है।

इस बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चंपत राय के प्रति दोबारा समर्थन जताया। वे विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व संभालते रहेंगे। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आरोप साबित नहीं होने तक कोई भी कार्रवाई अनुचित होगी।

बता दें कि चंपत राय की सुरक्षा व्यवस्था पर बवाल मच चुका है। सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक दलों ने दावा किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंपत राय के लिए एक निजी सुरक्षा एजेंसी को काम पर रखा था। इस पर हर साल ₹12 करोड़ का खर्च किया गया।