
Ajay Rai Statement On Akhilesh Yadav PDA Yatra:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए रथ यात्रा को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस नेताओं ने शुभकामनाएं देते हुए भाजपा को हराने की बात कही, जबकि भाजपा और अन्य नेताओं ने यात्रा पर तीखा हमला बोला।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि चुनावी प्रचार के लिए कोई भी कहीं जा सकता है। हम अपना काम जरूर कर रहे हैं; हम लोगों के सुख-दुख में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। लोग बड़ी संख्या में कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। आज पूरा देश राहुल गांधी की ओर देख रहा है; वे देश से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठा रहे हैं और देश की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें शुभकामनाएं। वे मजबूती से तैयारी करें। भाजपा को हराना है। हम भी तैयारी कर रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में रैलियां और जनसभाएं होंगी। हम भी वैसा ही करेंगे।
दिल्ली में आरएलडी नेता भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि वे यात्राएं करें और जनसभाएं करें; तथ्य यह है कि उनका तथाकथित ‘इंडिया गठबंधन’ पूरी तरह विफल हो चुका है। उनमें न तो कोई आंतरिक तालमेल है और न ही जनता से जुड़ने वाली नीतियां। इसलिए वे यात्राएं या रैलियां करें, लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। 2027 में उत्तर प्रदेश में एनडीए सरकार तीसरी बार बनेगी।
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने कहा, वे यात्रा को ‘रथ’ कह रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने हमेशा रथ का विरोध किया है। उन्होंने भगवान श्री राम के कार सेवकों की हत्या पर अपनी पार्टी बनाई थी। आज किस मुंह से रथ यात्रा निकाल रहे हैं? यह बस यात्रा हो सकती है। हमने देखा है कि अंतिम यात्राएं बसों पर निकलती हैं। मुझे लगता है कि यह समाजवादी पार्टी की अंतिम यात्रा है क्योंकि इसके बाद उनके पास सिर्फ पीडीए ही बचता है… 2027 के बाद ये सभी दल पीडीए पार्टी बना लेंगे।
भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक महीने से इसकी तैयारी कर रहे थे। कभी रथ को ऑफिस से बाहर निकालते, कभी अंदर ले जाते। इसके चारों ओर बहुत प्रचार था, कभी लाल रंग, कभी केसरिया। कभी टोपी बदलते, कभी कार्यकर्ताओं के कपड़े। तमाम कोशिशों के बावजूद जब अखिलेश यादव की रथ यात्रा दोपहर एक बजे शुरू होने वाली थी, तो शाम पांच बजे तक कोई जन प्रतिक्रिया नहीं दिखी। लोगों को पैसे देकर लाया गया और देश भर से कार्यकर्ता तथा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात महिलाओं की पूर्ण अनुपस्थिति थी।
अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर जारी इन बयानों से साफ है कि विपक्षी दलों में एकजुटता की कमी और सत्ताधारी दल की आलोचना दोनों सामने आ रहे हैं।