भारतीय सेना के जवानों को मार्च तक AK-203 असॉल्ट राइफल्स मिलने वाली है। इसका निर्माण यूपी के अमेठी में शुरू हो गया है।
भारतीय सेना के जवानों को जल्दी ही AK-203 असॉल्ट राइफल का मिलने वाली है। मार्च महीने तक 5 हजार कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल्स सेना के पास पहुंच जाएंगी। 2025 तक 70 हजार AK-203 राइफल्स को भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा। वहीं अगले 10 सालों में 6 लाख 1 हजार 427 राइफल्स बनाई जाएंगी।
भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है। जहां AK-203 असॉल्ट राइफल का उत्पादन हो रहा है। उत्तर प्रदेश के अमेठी की फैक्ट्री में इनको बनाया जा रहा है। पिछले कई सालों से यह प्रोजेक्ट रुका हुआ था। अब फिर से इसकी शुरुआत हो गई है। अमेठी के कोरवा में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड इन राइफलों को बना रही है।
मार्च में मिलेगी सेना को AK-203
पिछले सप्ताह सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने जानकारी दी थी कि 5,000 AK-203 राइफलों की पहली खेप सेना तक मार्च में पहुंचा दी जाएगी। AK-203 प्रोजेक्ट की घोषणा साल 2018 में की गई थी। इसकी कॉस्टिंग, रॉयल्टी और टेक्नोलॉजी को लेकर बात नहीं बन पा रही थी। इस वजह से इस प्रोजेक्ट के शुरू होने में इतनी देरी हुई है।
“AK-203 दुनिया का सबसे अच्छा असॉल्ट राइफल है”
इंडो-रसियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भारत और रूस के बीच ज्वाइंट वेंचर है। रोस्टेक के जनरल डायरेक्टर सर्गेई चेमेजोव ने कहा, “भारत और रूस के बीच मजबूत संबंध हैं। यह कंपनी दोनों देशों के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग का नतीजा है। कलासनिकोव AK-203 के उत्पादन के साथ ही भारत में अच्छी क्वालिटी की आधुनिक हथियारों का निर्माण का शुरू हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ये दुनिया का सबसे अच्छा असॉल्ट राइफलों में से एक है।”
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ज्वाइंट वेंचर की योजना AK-203 का 100 प्रतिशत स्वदेशी वर्जन का उत्पादन करना है। भविष्य में कंपनी भारत में राइफल्स का उत्पादन और सुविधाएं बढ़ा सकती है। अमेठी में कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के पास भारत के दूसरे सुरक्षाबलों को भी हथियार उपलब्ध कराने की क्षमता है। कंपनी के पास हथियारों को दूसरे देशों को भी एक्सपोर्ट करने की क्षमता है।
जाने इस खतरनाक राइफल की खूबियां
AK-203 राइफल AK सीरीज की सबसे खतरनाक और आधुनिक राइफल है। AK-47 जैसी इसमें सभी खूबियां हैं। AK-203 हल्की है और इसे किसी भी मौसम में यूज कर सकते हैं। इस राइफल से एक मिनट में 700 राउंड फायरिंग की जा सकती है। इसकी रेंज 500 से 800 मीटर तक है। एक मैगजीन में 30 राउंड की फायरिंग की करने क्षमता है। AK-203 का वजन 3.8 किलोग्राम है। इसकी लंबाई 705 मिलीमीटर है।