लखनऊ

मायावती ने निकाला तो आकाश आनंद के लिए समाजवादी पार्टी ने बढ़ाया हाथ! BSP से निष्कासन पर क्या बोले सपा नेता?

Akash Anand BSP Expulsion: बसपा से आकाश आनंद के निष्कासन के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। सपा ने इसे मायावती का आंतरिक मामला बताया, लेकिन साथ ही आकाश आनंद को पार्टी में आने का खुला प्रस्ताव भी दिया है। वहीं कांग्रेस ने मायावती पर निशाना साधा है।
2 min read
Sep 11, 2026
Akash Anand
आकाश आनंद और मायावती। (IANS Photo)

Akash Anand BSP Expulsion: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से आकाश आनंद के निष्कासन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नेताओं ने मायावतीके फैसले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। सपा ने जहां मायावती के फैसले को उनका पारिवारिक और आंतरिक मामला बताया, वहीं आकाश आनंद के लिए पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही। कांग्रेस ने मायावती पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने का काम उनकी सगी बुआ ने किया है।

सपा बोली- मायावती का पारिवारिक मामला

मायावती द्वारा आकाश आनंद को बसपा से निष्कासित किए जाने पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह मायावती का पारिवारिक मामला है। उन्होंने कहा कि किसी के पारिवारिक या आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करना सामाजिक मूल्यों के विपरीत है। अवधेश प्रसाद ने इस मामले में सपा की ओर से किसी तरह की टिप्पणी करने से दूरी बनाए रखी।

आकाश आनंद को सपा ने दिया पार्टी में आने का ऑफर

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही इसे बसपा का आंतरिक मामला बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि सपा इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती हालांकि, उन्होंने आकाश आनंद को सपा में आने का खुला प्रस्ताव देते हुए कहा कि अगर वह कहीं और अपना राजनीतिक ठिकाना तलाश रहे हैं तो समाजवादी पार्टी में उनका स्वागत है।

अमीक जामेई ने गिनाया लाल-नीले गठजोड़ का इतिहास

सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने मायावती के प्रति सम्मान जताते हुए उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय की राजनीति और समाजवादी पार्टी-बसपा के पुराने संबंधों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि मायावती देश की वरिष्ठ नेता हैं और समाजवादी उनके प्रति सम्मान रखते हैं। उन्होंने लाल और नीले रंग के राजनीतिक जुड़ाव को सामाजिक न्याय की राजनीति से जोड़ते हुए मुलायम सिंह यादव और कांशीराम के बीच रहे राजनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया।

2027 चुनाव को लेकर सपा ने साधा निशाना

अमीक जामेई ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि लाल और नीले रंग को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाल रंग क्रांति और इंकलाब का प्रतीक है, जबकि नीला रंग सामाजिक न्याय, बंधुत्व और एकता का रंग है।

उन्होंने दावा किया कि दोनों विचारधाराओं पर हमले हो रहे हैं और समाजवादी छात्रसंघ ने भी नीला रंग अपना लिया है। जामेई ने कहा कि 2027 में जेन-जी, छात्रों और युवाओं के सहयोग से सरकार को हटाने के लिए दोनों मिलकर काम करेंगे।

कांग्रेस ने मायावती पर बोला हमला

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आकाश आनंद के बसपा से निष्कासन को लेकर मायावती पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मायावती के रहते आकाश आनंद को किसी राजनीतिक विरोधी की जरूरत नहीं है। राजपूत ने आरोप लगाया कि मायावती अपने भतीजे को प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अपना चाचा कहा था, इसलिए वह कांग्रेस के लिए भी भतीजे की तरह हैं।

'आकाश के राजनीतिक करियर को खत्म करने का काम हुआ'

सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को खत्म करने का काम उनकी सगी बुआ ने किया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य प्रभावित होने की बात है और अब उन्हें खुद तय करना होगा कि आगे की राजनीति किस तरह करनी है। आकाश आनंद के बसपा से निष्कासन के बाद सपा की ओर से पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव और कांग्रेस की ओर से मायावती पर निशाना साधे जाने से उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

Updated on:
11 Sept 2026 02:48 pm
Published on:
11 Sept 2026 02:48 pm