
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की कथनी और करनी में जमींन-आसमान का अंतर अब साफ-साफ दिखने लगा है। भाजपा ने जो लम्बे चैड़े वादे किए थे उनका क्या हुआ? युवाओं को 2 करोड़ नौकरियां, जनधन खाते में 15 लाख रूपए की आमद, कालेधन की वापसी जैसे वादे हवाई हो गए हैं। ऐसे ही प्रधानमंत्री जी देश में और विदेशी मंचों पर पर्यावरण की रक्षा की चिंता तो खूब दिखाते हैं पर उनकी डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण का संहार करने पर ही जुट गई है। भाजपा का यह दोहरा चरित्र और आचरण एक तरह से उसका स्वभाव बन गया है।
55 हजार पेड़ों का भी विनाश होना है
उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा पर सामरिक महत्व की एक सड़क बनाने की योजना है। इस योजना में दो टाइगर रिजर्व और 3 वन्य जीव अभयारण्य तो प्रभावित होंगे ही लगभग 55 हजार पेड़ों का भी विनाश होना है। इनमें साल, जामुन, नीम आदि के पेड़ बहुतायत में है। बहुत से पेड़ तो 200 वर्ष पुराने हैं। प्रदेश के तराई क्षेत्र में कई विलुप्त प्राय प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बाघ, भालू, हिरन तथा अन्य जीव शामिल हैं। इस सड़क के लिए 287 हेक्टेयर जमींन की आवश्यकता होगी।
घटते वन क्षेत्र से जहां पशु पक्षियों का जीवन संकट
भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण का कार्य नवम्बर 2018 से शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना से वन्य जीवों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा। ऐसे भी घटते वन क्षेत्र से जहां पशु पक्षियों का जीवन संकटग्रस्त हो रहा है वही पर्यावरण पर पड़ने वाले असर के चलते ऋतु चक्र भी बहुत प्रभावित होता है। प्रदेश की भाजपा सरकार को पर्यावरण की चिंता होती तो वह कम से कम वन क्षेत्र के विनाश और पेड़ों की कटान की योजना नहीं बनाती। यह राज्य के हितों के विरूद्ध योजना है जिसकी निदा की जानी चाहिए।
समाजवादी सरकार में मथुरा, काशी, अयोध्या के घाटों का सुंदरीकरण हुआ था
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को वस्तुतः समाजवादी सरकार के कामों से सीख लेनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समाजवादी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। ग्रीन यूपी क्लीन यूपी अभियान के तहत समाजवादी सरकार में एक दिन में 5 करोड़ पौधे लगाकर गिनीज बुक में रिकार्ड बना था। मथुरा, काशी, अयोध्या के घाटों का सुंदरीकरण भी हुआ था। भाजपा सरकार ने गंगा, यमुना, काली और वरूणा नदी की सफाई के लिए कुछ नहीं किया। गोमती नदी की सफाई के साथ उसके किनारे रिवरफ्रंट जैसा शानदार स्थल समाजवादी सरकार के कार्यकाल में बना। भाजपा अनीति के रास्ते पर है। उसकी नीयत किसी का भला करने की नहीं है। भाजपा को पर्यावरण संरक्षण को बिगाड़ने में और लोगों को परेशान करने में ही सुख मिलता है।