लखनऊ

अखिलेश यादव ने मांगा सीएम योगी का इस्तीफा, ये है अहम कारण

सीएम योगी के समाजवाद पर दिए बयान की कड़ी निंदा करते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सीएम का इस्तीफा मांगा है।
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Updated: 28 Mar 2018, 8:17 PM IST
akhilesh

लखनऊ. विधान परिषद में बुधवार को सीएम योगी के समाजवाद पर दिए बयान की कड़ी निंदा करते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सीएम का इस्तीफा मांगा है। अखिलेश ने लिखा है- समाव भारत के संविधान की उद्देशिका में ‘समाजवादी’ शब्द संविधान की मूल भावना के रूप में दर्ज है. यूपी के मुख्यमंत्री का समाजवाद को “झूठा, समाप्त और धोखा” कहना संविधान की अवमानना का गंभीर मुद्दा है, इसके लिए उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए या एक सच्चे योगी की तरह पद त्याग देना चाहिए।

क्या है पूरा मामला

दरअसल बुधवार को विधान परिषद में सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी अब बहरुपिया ब्रांड बनकर रह गया है। समाजवाद अब समाप्तवाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे समाजवाद की परिभाषा सपा से नहीं सीखनी है और ये देश समाजवाद नहीं, राष्ट्रवाद चाहता है।सपा द्वारा सीएम को समाजवाद का विरोधी कहे जाने पर सीएम ने ये बयान दिया। उन्होंने सपा सदस्यों से पूछा कि आप बताएं समाजवाद शब्द संविधान में कब आया। इस पर नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि समाजवाद, संविधान की सच्चाई है। मुख्यमंत्री अपने शब्द वास लें। इसी को लेकर सपा के सारे सदस्यों ने विधान परिषद में खूब हंगामा किया।

विपक्ष पर साधा निशाना

विधानपरिषद में ही इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को लेकर विपक्ष के आरोप वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा हमारे एक साल के शासन काल में किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की, जबकि सपा शासन में ऐसे कई मामले आए।वहीं, विधान परिषद में शून्य काल के दौरान सपा सदस्य राजपाल कश्यप ने पिछड़ों तथा दलितों के आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के 85 फीसदी लोगों को आरक्षण प्राप्त है लेकिन बीजेपी सरकार उसे पूरी तरह से खत्म करने की साजिश रच रही है। सभापति ने उन्हें अपने स्थान पर बैठने को कहा लेकिन वे नहीं माने। इस पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता का लिया इस्तीफा

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर के खिलाफ फेसबुक पर अनर्गल टिप्पणी के आरोप में प्रदेश अनुशासन समिति ने लखीमपुरखीरी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेंद्र जनवार को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। इस बात की जानकारी कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट में दी गई।

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