लखनऊ

अखिलेश यादव ने बीजेपी को हराने के लिए मांगा समर्थन, राज्यसभा चुनाव पर बोले सपा प्रमुख

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी को शिकस्त देने के लिए सभी विपक्षी दलों और हमख्याल साथियों को एकजुट होने का खुला न्योता दिया है। आगामी राज्यसभा चुनाव को बड़ा राजनीतिक मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने का यही सही समय है।
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Oct 02, 2026
SP chief Akhilesh Yadav
सपा प्रमुख अखिलेश यादव फोटो-ANI

अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की महत्वाकांक्षी योजनाओं और वादों पर तंज कसते हुए कहा, "मुझे इस बात का गहरा दुख है कि गोमती के किनारे बसे हुए बहुत सारे परिवारों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है। हफ्तों-महीनों से पानी भरा पड़ा है, लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है। जो लोग शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे करते थे और नदियों को साफ करने की बातें करते थे, उन्होंने नदियां तो साफ नहीं कीं, लेकिन बजट जरूर साफ कर लिया।"

सपा प्रमुख ने देशवासियों और राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा (सेफ डेमोक्रेसी) और संविधान को बचाने के लिए अब समय आ गया है कि सभी लोग आपसी मतभेद भूलकर एक साथ आएं और मिलकर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।

पत्रकारों और मीडिया से बातचीत करते हुए सपा प्रमुख ने देश के वर्तमान हालात, महंगाई और हालिया नीतिगत फैसलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और जनविरोधी नीतियां लागू की जा रही हैं। उन्होंने पेट्रोल में ई-20 और एथनॉल के मिश्रण जैसे फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता पर गलत फैसले थोपे जा रहे हैं।

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को यह महसूस होता है कि देश के लोकतंत्र, संविधान और अर्थव्यवस्था पर हमला हो रहा है, तो उन्हें अपने पुराने मतभेद और सिद्धांतगत दूरियां छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह समय राज्यसभा चुनाव का है और चुनाव का समय हमेशा मिलन का समय होता है। अपनी पुरानी गलतियों को भूलकर और सिद्धांतों की रक्षा के लिए दूसरों के साथ खड़े होने का यह एक बड़ा मौका है।

भारतीय संस्कृति और परंपरा का उदाहरण देते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, "हमारी तो संस्कृति और परंपरा यह रही है कि कितने भी पाप कर लो, अगर मां गंगा में स्नान कर लेते हैं तो पाप धुल जाते हैं। हम तो केवल इतना कह रहे हैं कि जो साथी पुरानी बातें भूलकर साथ आना चाहते हैं, हम भी पुरानी सभी कड़वी बातें और चीजें भूल जाएंगे।"

सपा प्रमुख के इस बयान को राज्यसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक गठबंधन और गोलबंदी के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश यादव के इस लचीले और समावेशी रुख से स्पष्ट संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के नाम पर सभी विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Updated on:
02 Oct 2026 02:20 pm
Published on:
02 Oct 2026 12:45 pm