
Azam Khan ED Raid: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के तहत काम कर रही है और केवल अपने संकीर्ण समर्थकों को खुश करने के लिए यह कार्रवाई कर रही है।
"शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी विरोधी, स्कूलबंद करवानेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी यूनिवर्सिटी बनानेवालों के ख़िलाफ़ ED की छापेमारी कर रहे हैं जिससे कि उनके 1-2% बचे हुए साम्प्रदायिक संकीर्ण सोच के कुतर्की समर्थकों को संतुष्ट कर पाएं, जबकि उन भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अखिलेश ने अपने पोस्ट में कई मामलों और कथित अनियमितताओं का जिक्र किया। इनमें राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े आरोप, कथित भ्रष्टाचार, कोडीन कफ सिरप की तस्करी, महाकुंभ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन मामलों को लेकर उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में सड़कों और निर्माण परियोजनाओं की स्थिति को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए निर्माण और रखरखाव पर सवाल उठाए। गिरते पुल, टंकियों और अन्य निर्माण कार्यों का हवाला देते हुए उन्होंने कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई।
प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खान, उनके ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसरों पर यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है। जांच एजेंसी की कार्रवाई रामपुर के अलावा सहारनपुर और दिल्ली तक पहुंची है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
जौहर यूनिवर्सिटी पहले से ही प्रशासनिक और कानूनी विवादों में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को कथित तौर पर स्वीकृत नक्शे के बिना निर्माण से जुड़ा मामला मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इस कार्रवाई पर फिलहाल अंतरिम रोक लगी हुई है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
ईडी की मौजूदा कार्रवाई का केंद्र वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलू हैं। जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तलाशी में कौन से दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले और आगे क्या कदम उठाया जाता है।