
आजम खान। Image - FB/@AbdullahAzamKhan
Azam Khan Latest News Johar University ED Raid: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़े जौहर यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर समेत दिल्ली में कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी की कार्रवाई जौहर अली यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट से संबंधित परिसरों में भी हुई। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने ED की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा के कुछ लोग नहीं चाहते कि आजम खान जिंदा रहें। राजभर ने इसके लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हैं और दिन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना करते हैं।
राजभर ने दावा किया कि रात में सरकार के सामने कुछ बातें रखी जाती हैं और उसके बाद संबंधित मामलों में जांच या कार्रवाई शुरू हो जाती है। हालांकि, उनके इन आरोपों पर सपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आजम खान से जुड़े मामले की जिम्मेदारी अखिलेश यादव और उनके चाचा पर भी बनती है। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, उस दौरान हुए रकम के लेन-देन और अन्य मामलों का पूरा लेखा-जोखा सामने आना चाहिए। राजभर के बयान के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया है। उन्होंने संकेत दिया कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होना जरूरी है।
वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय ने आजम खान के पक्ष में बयान दिया। उन्होंने ED की कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आजम खान को परेशान और कमजोर करने के उद्देश्य से छापेमारी की गई है। अजय राय ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आजम खान के खिलाफ चल रही कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा।
इस मामले पर भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और वह अपने स्तर पर कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के अंतर्गत कई अलग-अलग इकाइयां काम करती हैं, जबकि जांच एजेंसियां अपने पास उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ती हैं। रमेश जायसवाल ने कहा कि अगर आजम खान से जुड़े परिसरों पर ED ने छापेमारी की है तो संभव है कि जांच एजेंसी के हाथ कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे हों। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई के पीछे एजेंसी के पास कोई न कोई आधार और जानकारी जरूर होती है।
ED के अधिकारियों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी नेता आजम खान से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। ये ठिकाने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में भी बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दायरे में आजम खान से संबंधित ट्रस्ट और जौहर अली यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। एजेंसी की कार्रवाई किस मामले में किन दस्तावेजों या साक्ष्यों की तलाश में की गई, इसकी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ ओम प्रकाश राजभर और भाजपा विधायक ने जांच एजेंसी की कार्रवाई को साक्ष्यों और जांच से जोड़कर देखा, वहीं कांग्रेस के अजय राय ने इसे आजम खान को परेशान करने की कार्रवाई बताया। अब इस मामले में ED की जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजर है। जांच एजेंसी की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले, इसकी जानकारी सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
Updated on:
19 Aug 2026 02:58 pm
Published on:
19 Aug 2026 02:58 pm
