मंदसौर, एमपी सहित देशभर में लोग आक्रोशित हो सड़क पर उतर आए हैं और आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
लखनऊ. मध्यप्रदेश के मंदसौर में नाबालिग छात्रा के साथ हुई हैवानियत की घटना ने दिल्ली में दामिनी गैंगरेप की खौफनाक वारदात को ताजा कर दिया है। मंदसौर, एमपी सहित देशभर में लोग आक्रोशित हो सड़क पर उतर आए हैं और आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मामले के लेकर सियासत भी गर्म हो गई है और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल एमपी में शासित भाजपा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सरकारें संवेदनशून्य जैसा बर्ताव करती दिखाई देती है-
उन्होंने कहा है कि मंदसौर, मध्य प्रदेश में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना अत्यंत अमानवीय और हृदय विदारक है। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना से सभी का सिर लज्जा से झुक जाना चाहिए। बहुत ही क्षोभ और शर्म का विषय है कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं और बच्चों तक के साथ क्रूरता की घटनाओं में बढ़ोतरी के प्रति भाजपा सरकारें संवेदनशून्य जैसा बर्ताव करती दिखाई देती है।
भाजपा नेताओं की सिर्फ बातें बड़ी-बड़ी-
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की नीतियां जनविरोधी और खासकर महिला विरोधी हैं। केन्द्र सरकार के अधीन दिल्ली हो या भाजपा की राज्य सरकारें वहां बच्चियां तक असुरक्षित हैं। हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाओं पर इन राज्यों में अंकुश नहीं होने से अपराधियों के मन बढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी आए दिन ऐसे दुष्काण्ड होते रहते हैं। भाजपा नेता बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं पर जमींनी हकीकत में उनके परिणाम शून्य ही रहते हैं।
देश की जनता भाजपा को नहीं करेगी माफ-
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बलात्कार की घटनाओं पर शासन प्रशासन को अत्यंत कठोर कार्यवाही करनी चाहिए और अपराधियों को कड़ा दंड मिलना चाहिए। जो सरकार महिलाओं और बच्चियों की इज्जत और सुरक्षा नहीं कर सकती है उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं हैं। देश की जनता भाजपा को इन घटनाओं के लिए कभी माफ नहीं करेगी।