लखनऊ

Akhilesh Yadav BJP Attack: जातीय जनगणना न करनी पड़े, इसलिए चालबाजी कर रही सरकार, अखिलेश यादव का BJP पर हमला

Akhilesh Yadav on Caste Census: अखिलेश यादव ने जनसभा में बीजेपी सरकार पर ‘राम धन’, E-20 पेट्रोल, बेरोजगारी और पुलिस व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने जातीय जनगणना को सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताते हुए आबादी के अनुपात में अधिकार की बात कही।
3 min read
Aug 16, 2026
Akhilesh Yadav News Akhilesh Yadav Speech UP Politics News
अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला

Akhilesh Yadav News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक जनसभा में बीजेपी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने धार्मिक स्थलों से कथित चोरी, पेट्रोल की गुणवत्ता, बेरोजगारी, पुलिस व्यवस्था और जातीय जनगणना जैसे सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। अखिलेश ने कहा कि सामाजिक न्याय तभी मजबूत होगा, जब समाज में अलग-अलग वर्गों की वास्तविक हिस्सेदारी के आंकड़े सामने आएंगे।

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने धार्मिक स्थलों से चोरी के मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग ‘रामराज’ लाने की बात करते थे, उन्होंने ‘राम धन’ को भी नहीं छोड़ा। उनका आरोप था कि ऐसे मामलों में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है। अखिलेश ने इस दौरान मंदिरों के बाहर बैठे भिखारियों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के बावजूद वे चोरी करने के बजाय मदद की उम्मीद में बैठे रहते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी चोरी के मामलों में सामने आए तथ्यों ने कई सवाल खड़े किए हैं।

E-20 पेट्रोल को लेकर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने पेट्रोल की गुणवत्ता और E-20 ईंधन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने पेट्रोल में मिलावट का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर लोगों को नुकसान हो रहा है तो सरकार और संबंधित कंपनियों को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाहन जिस ईंधन पर बेहतर माइलेज और प्रदर्शन के लिए बनाए गए हैं, उसमें किसी तरह की गड़बड़ी आम लोगों की जेब पर असर डालती है। हालांकि, पेट्रोल में बड़े पैमाने पर मिलावट के उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जातीय जनगणना को बताया सामाजिक न्याय की कुंजी

अखिलेश यादव ने अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण का जिक्र करते हुए जातीय जनगणना की मांग को फिर प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की नीतियां तभी प्रभावी तरीके से बनाई जा सकती हैं, जब समाज की अलग-अलग जातियों की वास्तविक संख्या और स्थिति का पता हो। उन्होंने संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों ने वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर दिया। अखिलेश ने कहा कि जिसकी जितनी आबादी है, उसे उसके अनुरूप अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

‘थाने और तहसील में जेब देखी जाती है’

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान शुरू की गई यूपी-100 जैसी व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना था। अखिलेश ने आरोप लगाया कि अब थाने और तहसीलों में आम लोगों की समस्याओं से ज्यादा पैसे के लेन-देन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी बात पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘हथेली गरम, तुरंत पुलिस नरम’ वाला कानून चल रहा है।

तिरंगा यात्रा पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता दिवस से जुड़े आयोजनों और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आज तिरंगा यात्राएं निकाल रही है, जबकि अतीत में उसके नेताओं और संगठनों की तिरंगे को लेकर अलग भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल झंडा लेकर यात्रा निकालने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, समाज में भाईचारा और एकता बनाए रखना भी राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा है।

रोजगार और स्कूलों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने सरकारी नौकरियों और आउटसोर्सिंग को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी संस्थानों और स्कूलों में बदलाव का सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। उन्होंने प्राथमिक स्कूलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने से शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी प्रभावित हुए हैं। अखिलेश ने रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय को एक-दूसरे से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की।

सामाजिक न्याय को बनाया राजनीतिक संदेश

अखिलेश यादव के पूरे भाषण में सामाजिक न्याय का मुद्दा केंद्र में रहा। उन्होंने PDA के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने की बात दोहराई और जातीय जनगणना को इसका महत्वपूर्ण आधार बताया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने लोगों से समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के मुद्दे को प्राथमिकता देगी।

Updated on:
16 Aug 2026 05:42 pm
Published on:
16 Aug 2026 05:41 pm