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उत्तर प्रदेश में 10 हजार ‘गो मित्र’ बनाएगी योगी सरकार, गो संरक्षण से जुड़ेंगे युवा और Gen Z

UP News: यूपी में योगी सरकार गो संरक्षण अभियान से अब नई पीढ़ी और खासकर जेन जी (Gen Z) को जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए गांव-गांव अभियान चलाकर 10 हजार 'गो मित्र' तैयार किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य गोशालाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ना है।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

•

Aug 16, 2026

CM Yogi

सीएम योगी आदित्यनाथ (File Photo- ANI)

Go Mitra Scheme: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गो संरक्षण अभियान को लेकर एक नई और बड़ी पहल करने जा रही है। अब सरकार इस अभियान से नई पीढ़ी, खासकर 'जेन जी' (Gen Z) के युवाओं को जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए पूरे प्रदेश में गांव गांव अभियान चलाकर करीब 10 हजार 'गो मित्र' तैयार किए जाएंगे। इन युवाओं को गोवंश के संरक्षण, गो सेवा, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पहले मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इसके बाद ये मास्टर ट्रेनर गांव गांव जाकर अन्य लोगों को प्रशिक्षण देंगे। सरकार का मकसद प्रशिक्षित लोगों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। गो सेवा में पहले से रुचि रखने वाले लोगों को 'गो मित्र' बनने में प्राथमिकता दी जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जुड़ेगा गो संरक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोर इस बात पर है कि गोवंश का संरक्षण केवल गोशालाओं तक ही सीमित न रहे। इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार और हरित ऊर्जा से जोड़कर आत्मनिर्भरता का एक नया मॉडल विकसित किया जा रहा है। अब गोशालाओं को गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों जैसे जैविक खाद, बायोगैस, गो काष्ठ (लकड़ी), गो पेंट, धूपबत्ती, गमले और पंचगव्य बनाने से जोड़ा जा रहा है। इन कामों में महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाकर गांव में ही रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

प्रदेश में 7500 से ज्यादा गो आश्रय स्थल

यूपी में निराश्रित गोवंश को सुरक्षित रखने और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है। प्रदेश में 7500 से अधिक गो आश्रय स्थल हैं जिनमें 12 लाख से ज्यादा गोवंश रखे गए हैं। सरकार ने गोवंश के चारे पानी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि भी 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन कर दी है। अधिकांश गोशालाओं की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के तहत आम लोगों को भी गो संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। अब तक करीब 1.15 लाख पशुपालकों को 1.85 लाख गोवंश सौंपे जा चुके हैं। इससे गायों को परिवार आधारित संरक्षण मिल रहा है।

हर जिले की गोशालाओं का होगा मूल्यांकन

गो सेवा आयोग प्रदेश की सभी गोशालाओं का मूल्यांकन करने जा रहा है। इसका मकसद स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के हिसाब से गो आधारित आर्थिक गतिविधियां शुरू करना है। उदाहरण के लिए अगर किसी जिले में बायोगैस बनाने की ज्यादा संभावना है तो वहां उस पर जोर दिया जाएगा और कहीं जैविक खाद या गोमूत्र के उत्पाद बनाए जाएंगे। इस पूरी कवायद का लक्ष्य गो संरक्षण को गांव की आय और रोजगार का साधन बनाना है।

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