सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा परिवार के साथ बुलाई गई बैठक से पूर्व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान वे पूरे कमांड में दिखे और 2022 चुनाव के लिए उन्होंने बड़े ऐलान किए। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से हाथ छिटकने के बाद अखिलेश यादव पहली दफा सपा कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 2022 चुनाव के साथ-साथ कई और मुद्दों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए।
इस दौरान उनके निशाने पर भाजपा सरकार रही। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी सपा सरकार के कामों का मुकाबला नहीं कर सकती। सपा सरकार में बेहद कम समय में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनवाया गया जिस पर वायु सेना के विमान भी उतर चुके हैं। मेट्रो ट्रेन चलाई गई, जिसे अभी तक गुजरात में भी नहीं चलाया जा सका है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की शुरूआत समाजवादी सरकार ने की जिससे बलिया गोरखपुर को भाजपा सरकार ने बाहर ही कर दिया है।
सपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही-
सपा अध्यक्ष ने कहा है कि पिछले दो वर्षों से राज्य की जनता भाजपा के पाप को भोग रही है। सरकार ने जनहित में एक भी कोई काम नहीं किया। वह जातिवाद को आधार बनाकर समाज में नफरत पैदा करने का ही काम कर रही है। अखिलेश ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई साथ ही कहा कि जनसामान्य अपने जानमाल को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। जहां महिलाएं डरी-सहमी हैं, तो वहीं समाज का हर वर्ग परेशान है।अखिलेश ने इस दौरान भाजपा सरकार पर समाजवादी सरकार द्वारा शुरू कई गईं यूपी डायल 100 और 1090 सेवा को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया है। वहीं उन्होंने कहा कि बेकसूरों और चुनाव में भाजपा के खिलाफ मतदान करने वालों को सताया जा रहा है साथ ही सपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है।
2022 चुनाव के लिए किया आह्वान-
अखिलेश यादव ने आखिर में नौजवानों का आह्वान करते उन्हें अपने जनपदों और निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर सक्रिय होने के लिए कहा। साथ ही पार्टी नीतियों व समाजवादी सरकार के विकास कार्यो के बारे में जनता को जानकारी देने के निर्देश दिए। वहीं गरीबों से सम्पर्क साधे। उन्होने कहा कि हमारा लक्ष्य बड़ा है। हमें सामाजिक न्याय के लिए महापरिवर्तन की दिशा में जाने के लिए संकल्पित होकर प्रतिबद्धता से आगे बढ़ना है। वहीं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे अखिलेश यादव को 2022 चुनाव में सीएम बनाने के लिए जनता के बीच जाएंगे व सघन अभियान चलाएंगे।