लखनऊ

Prateek Yadav Death 2026: भाई प्रतीक यादव के निधन पर भावुक हुए अखिलेश यादव

Prateek Yadav Death Update: प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और समाजवादी पार्टी में शोक की लहर है। अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और भाई के निधन को बेहद दुखद बताया।

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May 13, 2026
प्रतीक यादव के निधन से शोक में डूबा यादव परिवार, अखिलेश यादव बोले- “यह बेहद दुखद क्षण (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Akhilesh Yadav Mourns Brother Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन की खबर ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। 38 वर्षीय प्रतीक यादव के अचानक निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, समर्थकों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच मातम का माहौल है।

प्रतीक यादव के निधन पर अखिलेश यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दें। बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्हें भाई के निधन की सूचना मिली, वह तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

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अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत

सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए चार डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।

अखिलेश यादव ने जताया दुख

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने भाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार इस समय गहरे दुख में है और यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती।सपा सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने परिवार के करीबी लोगों और पार्टी नेताओं से भी बातचीत की। पार्टी कार्यकर्ताओं को संयम बनाए रखने की अपील की गई है। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि पार्टी इस दुख की घड़ी में यादव परिवार के साथ खड़ी है। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और इसे बेहद दुखद घटना बताया।

राजनीति से दूर लेकिन चर्चित चेहरा

हालांकि प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन उनका नाम हमेशा चर्चा में रहता था। वह समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav के बेटे थे और व्यवसायिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे।

प्रतीक यादव मुख्य रूप से रियल एस्टेट और फिटनेस कारोबार से जुड़े हुए थे। उन्हें फिटनेस का काफी शौक था और लखनऊ में उनके जिम व्यवसाय की भी चर्चा रहती थी। वह अपनी फिटनेस लाइफस्टाइल और लग्जरी कारों के शौक के कारण सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय थे। उनकी पत्नी Aparna Yadav भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की जोड़ी अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ दिखाई देती थी।

समर्थकों में शोक की लहर

प्रतीक यादव के निधन की खबर फैलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक बड़ी संख्या में अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुटने लगे। हर कोई इस खबर से स्तब्ध दिखाई दिया। कई लोगों का कहना था कि प्रतीक यादव बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। कम उम्र में उनका जाना सभी के लिए चौंकाने वाला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर भी हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दुख जताया। कई नेताओं ने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी युवा का इस तरह अचानक दुनिया छोड़ जाना बेहद पीड़ादायक है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। प्रशासन और डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। अभी किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की गई है। चार डॉक्टरों की टीम द्वारा किए जा रहे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जा रही है। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी।

परिवार के लिए बड़ा झटका

यादव परिवार पहले भी कई निजी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर चुका है, लेकिन प्रतीक यादव का अचानक निधन परिवार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भले ही प्रतीक राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन परिवार और करीबी लोगों के बीच उनकी अहम भूमिका थी। लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में इस खबर ने लोगों को भावुक कर दिया है। हर कोई यही कह रहा है कि 38 साल की उम्र कोई जाने की उम्र नहीं होती। अब सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस दुखद घटना की असली वजह सामने लाएगी।

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