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Prateek Yadav death: प्रतीक यादव का अचानक निधन, पोस्टमार्टम के लिए 4 डॉक्टरों की टीम गठित

Prateek Yadav Aparna Yadav husband: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। चार डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करेगी, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी भी होगी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 13, 2026

राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर, मौत की वजह जानने के लिए होगी वीडियोग्राफी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर, मौत की वजह जानने के लिए होगी वीडियोग्राफी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Prateek Yadav Mulayam Singh Yadav family: समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन की खबर ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक जगत को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय प्रतीक यादव को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रतीक यादव की असामयिक मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर भी लोग गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदनाएं जता रहे हैं। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए चार डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की गई है।

पोस्टमार्टम की होगी वीडियोग्राफी

सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि जांच में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में चार वरिष्ठ डॉक्टर पोस्टमार्टम करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है क्योंकि प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर बेहद सजग माने जाते थे। वह नियमित रूप से जिम जाते थे और फिटनेस इंडस्ट्री में उनकी विशेष रुचि थी। ऐसे में इतनी कम उम्र में उनके निधन की खबर ने लोगों को विश्वास करने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने एक स्वस्थ और सक्रिय व्यक्ति की जान ले ली।

राजनीति से दूर लेकिन प्रभावशाली पहचान

हालांकि प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते थे, लेकिन वे हमेशा चर्चा में बने रहते थे। वे मुख्य रूप से रियल एस्टेट और फिटनेस बिजनेस से जुड़े हुए थे। लखनऊ में उनके कई व्यावसायिक उपक्रम थे और वे जिम व्यवसाय में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्होंने कभी प्रत्यक्ष राजनीति में आने की इच्छा जाहिर नहीं की।

प्रतीक यादव की पत्नी Aparna Yadav भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की जोड़ी को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चित माना जाता था। दोनों अक्सर सामाजिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में एक साथ दिखाई देते थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मुलायम सिंह यादव परिवार पहले ही कई राजनीतिक और निजी उतार-चढ़ाव देख चुका है। अब प्रतीक यादव के निधन ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, करीबी रिश्तेदार और समर्थक अस्पताल पहुंचने लगे। सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी भारी दुख का माहौल है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि संदेश साझा किए। कई लोगों ने इसे “अविश्वसनीय” और “बेहद दुखद” घटना बताया।

फिटनेस और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए थे चर्चित

प्रतीक यादव को फिटनेस प्रेमी और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए भी जाना जाता था। उन्हें महंगी कारों और हाई-एंड फिटनेस कल्चर का शौक था। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी और वे अक्सर अपने फिटनेस वीडियो और तस्वीरें साझा करते रहते थे। उनके करीबी लोगों का कहना है कि वे बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे।बताया जाता है कि उन्होंने अपने व्यवसाय को राजनीति से अलग रखते हुए एक स्वतंत्र पहचान बनाई थी। यही वजह थी कि वे युवा उद्यमियों के बीच भी लोकप्रिय थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले में सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। शुरुआती तौर पर किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की गई है।

प्रतीक यादव के निधन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कम उम्र में अचानक हो रही मौतों के पीछे क्या कारण हो सकते हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बिना आधिकारिक रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में इस खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हर कोई यही कह रहा है कि 38 साल की उम्र कोई जाने की उम्र नहीं होती। अब सबको पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस रहस्यमयी और दुखद घटना से पर्दा उठाएगी।