उनकी मृत्यु गोली लगने से हुई, हालांकि गोली कैसे लगी इस पर कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है.
लखनऊ. सपा से चार बार विधायक रहे शब्बीर अहमद वाल्मीकि के बड़े पुत्र संजय वाल्मीकि उर्फ शेबू की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मृत्यु गोली लगने से हुई, हालांकि गोली कैसे लगी इस पर कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा हैकि शेबू की बंदूक साफ करते वक्त गोली चल जाने से मौत हो गई। गोली लगने की जानकारी मिलने पर उन्हें इलाज के लिए जिला हॉस्पिटल में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार कर लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उनकी सांसें थम गईं। इस खबर से बहराइच जिले में जहां कोहराम मच गया तो वहीं समाजवादी पार्टी में सन्नाटा पसर गया। छत्तीसगढ़ में चुुनाव दौरे पर गए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस खबर से बेहद दुखी हुए।
अखिलेश ने जताया शोक-
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहराइच के पूर्व विधायक शब्बीर वाल्मीकि के पुत्र शेबू उर्फ संजय (36) सदस्य जिला पंचायत, बहराइच के असामयिक निधन पर गहरा शोक जताते हुए संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह जानकारी समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने दी।
परिवार का यह है कहना-
बीती देर रात तकरीबन 1 बजे के आस पास जिला पंचायत सदस्य शेबू के मोहल्ला बशीरगंज में उनके आवास पर गोली लगने की भनक पाकर परिजनों ने उन्हें आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ के लिए रिफेर कर दिया, लेकिन लखनऊ ले जाने के लिए जैसे ही उन्हें एम्बुलेंस में लिटाया गया। उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों के मुताबिक देर रात लाइसेंसी गन को साफ करते समय गोली चली जिससे शेबू की मौत हो गई। इस प्रकरण की जांच पुलिस टीम द्वारा की जा रही है।
अहमद वाल्मीकि का मौजूदा समय में सबसे बड़ा घराना माना जाता है-
मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव व अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले इस पूर्व विधायक के तीन बेटे- संजय वाल्मीकि (शेबू), नदीम मन्ना व आज़म वाल्मीकि - एक साथ इस बार हुए जिला पंचायत के चुनाव में भारी मतों के साथ जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। राजनीतिक घरानों की दृष्टि से पूर्व विधायक शब्बीर अहमद वाल्मीकि का मौजूदा समय में सबसे बड़ा घराना माना जाता है।