Akhilesh Yadav statement on Nitish Kumar and Mayawati : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वह 2024 में बने विपक्षी दलों इंडिया गठबंधन के दौरान नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहते थे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2024 में बने इंडिया गठबंधन के दौरान विपक्षी दल नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2019 में समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन के समय उनकी पार्टी मायावती को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाना चाहती थी। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है भाजपा नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य के रूप में ही राजनीतिक रिटायरमेंट देना चाहती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सच्चाई नहीं बता रहा है और भाजपा के लोग समाजवादी पार्टी के खिलाफ फर्जी वीडियो फैलवा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में उनकी पार्टी कानूनी कार्रवाई करेगी और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
महंगाई के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सुबह ही गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने की खबर सामने आई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ेगी। उनका कहना था कि जब तक भाजपा सत्ता में रहेगी तब तक महंगाई कम नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'जब जाएंगे भाजपाई, तभी घटेगी महंगाई।'
सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति अब विदेशी ताकतों के प्रभाव में तय हो रही है, जबकि यह पूरी तरह देश की सरकार को तय करनी चाहिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने वालों में पूर्व डीआईजी राम शरद राम भी शामिल रहे।
अखिलेश यादव ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि इससे पार्टी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि लगातार लोग सपा से जुड़ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी पर बढ़ रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष ने महंगाई और टैक्स को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार टैक्स बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई भी बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि वाहनों की कीमतें बढ़ने की बड़ी वजह भारी टैक्स है और कई मामलों में लगभग 50 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जा रहा है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अक्सर यह कहती है कि परिस्थितियों की वजह से कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं और बाद में कम कर दी जाएंगी, लेकिन वास्तविकता यह है कि एक बार जो चीज महंगी हो जाती है, वह बाद में आसानी से सस्ती नहीं होती।