उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से प्रदेश के दौरे पर निकले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद सोमवार को राजधानी लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा और विधान परिषद में विधायकों को सम्बोधित भी किया। उनके सम्बोधन के बाद बतौर नेता विपक्ष अखिलेश यादव ने बोलना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने भेदभाव वाली बात उठाई।
नेता प्रतिपक्ष और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में उन्होंने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि, हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, लेकिन एक सच ये भी है कि बिना भेदभाव खत्म हुए आजादी का कोई मतलब नहीं है. उन्होने बताया कि, कोई कितने बड़े पद पर पहुंच गया हो पर ऐसा नहीं हो सकता है कि उसने भेदभाव का सामना न किया हो. उन्होंने कहा कि आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई भी बड़ा व्यक्ति किसी पद पर बिना भेदभाव के आगे बढ़ा हो.
राष्ट्रपति अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ रहे
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद रविवार देर शाम लखनऊ पहुंचे थे. जिसके बाद आज सुबह वो विधानसभा और विधान परिषद् के दोनों सदनों में उपस्थित रहे. इस दौरान राष्ट्रपति अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ रहे. उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रिसीव करते हुए स्वागत किया.
महिला सदस्यों की संख्या 47, कुल सदस्यों 403 का 12 प्रतिशत
राष्ट्रपति कोविंद ने महिला सदस्यों को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि, यूपी विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या 47 है जो कि कुल सदस्यों 403 का 12 प्रतिशत है. वहीं, विधान परिषद में कुल 100 सदस्यों में महिलाओं की संख्या सिर्फ पांच है. जिसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है.
अमृत महोत्सव का अर्थ आजादी की ऊर्जा का महोत्सव
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करने के लिए उनका आभार जताया. सीएम योगी ने कहा कि एक साधारण से परिवार में जन्म लेने के बाद देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचना यह भारत के लोकतंत्र के लिए गर्व की बात है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के आठ वर्ष पूरे किए. इस अवसर पर उन्होंने देश को पांच मंत्र दिए. पीएम मोदी ने कहा कि आजादी की अमृत महोत्सव का अर्थ आजादी की ऊर्जा का महोत्सव, स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का महोत्सव, नये विचारों का महोत्सव, नये संकल्पों का महोत्सव और आत्मनिर्भरता को प्राप्त करने का महोत्सव.