BJP MLA कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता की अगले ही दिन पुलिस कस्टडी में मौत के बाद यूपी में हड़कंप मच गया..
लखनऊ. उन्नाव के बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार का गंभीर आरोप लगाने वाली लड़की के पिता की अगले ही दिन पुलिस कस्टडी में मौत के बाद उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया। विपक्ष ने एक सुर से योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सर्वोच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा दे दें।
उन्नाव मामले पर अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए योगी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह की कोशिश करने वाली दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की 'पुलिस कस्टडी' में दर्दनाक मृत्यु अत्यंत दुखदायी है। इसकी सर्वोच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिलाओं के मान की रक्षा के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
इससे पहले भी रविवार को यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में कहीं कोचिंग की छात्रा की सरेआम गोली मारकर हत्या हो रही है, तो कहीं भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला सरकार से निराश होकर मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह कर रही है। क्या यही है 'एन्काउंटरवाली' सरकार का खौफ कि अपराधियों की जगह आज नारी आतंकित हो रही है।
क्या है पूरा मामला
रविवार उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र की एक लड़की ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। उसने बांगरमऊ के भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाये। सोमवार को पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता की मौत हो गई, जिसे एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार होने से पहले मृतक ने विधायक कुलदीप सेंगर के भाइयों सहित अन्य चार के खिलाफ मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया था। जेल में मौत की खबर वायरल होते ही उत्तर प्रदेश में हंगामा मच गया। गृह विभाग ने जिला प्रशासन और डीजी जेल से पूरी रिपोर्ट तलब की। थोड़ी ही देर बाद पुलिस ने विधायक समर्थक चार लोगों (विनीत मिश्रा, शैलू, सोनू और बउवा) को गिरफ्तार कर लिया गया। लापरवाही बरतने के आरोप में माखी थानाध्यक्ष, एक उपनिरीक्षक और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया। लेकिन अभी भी विधायक औऱ विधायक के भाई के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।