
Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में कई अहम मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने NEET पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं तो उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ सख्ती नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर भी नाराजगी जताई और कहा कि 'क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? सदन में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों की समस्याओं को सदन में पर्याप्त जगह क्यों नहीं मिल रही है।
20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। संसद की ओर बढ़ते समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
इस घटना के विरोध में 21 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार शिक्षा, युवाओं, परीक्षा प्रणाली और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद के भीतर और बाहर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।