
विंध्य एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
Vindhya Expressway Project UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई यूपी मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए दो नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा, महिला कल्याण, परिवहन, गृह, सहकारिता, स्टांप एवं पंजीयन और राज्य कर विभाग से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। इसके अलावा विधानमंडल के मानसून सत्र की तिथियां भी तय कर दी गईं।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक करीब 333 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 26 हजार करोड़ रुपये होगी। इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दी गई है, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। इस परियोजना पर करीब 9,039 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें निर्माण कार्य के साथ भूमि अधिग्रहण भी शामिल है। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों से होकर गुजरेगा।
कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ता के चयन को भी ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण में 18,514 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं भूमि अधिग्रहण के लिए 4,613 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार से इस परियोजना की कुल लागत 26,315 करोड़ रुपये होगी। विंध्य एक्सप्रेसवे (6 लेन, भविष्य में 8 लेन तक विस्तारीकरण) यूपी के प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर व सोनभद्र जिलों को जोड़ेगा। इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत प्रयागराज में गगा एकसप्रेसवे के अंतिम छोर से होगी।
सरकार ने 2025-26 से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों की शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग, शहीदों के आश्रित और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
Updated on:
21 Jul 2026 04:19 pm
Published on:
21 Jul 2026 04:19 pm
