21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र कब से होगा शुरू? विपक्ष के निशाने पर रहेंगे राम मंदिर चढ़ावा समेत कई बड़े मुद्दे

UP News: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त 2026 तक चलेगा। योगी कैबिनेट ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य विधायी कार्य होंगे। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, महंगाई, बेरोजगारी और बिजली जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।
3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Harshul Mehra

Jul 21, 2026

up vidhan mandal monsoon session from 3 august know details

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र कब से होगा शुरू? फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

UP News:उत्तर प्रदेशविधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त 2026 तक चलेगा। मंगलवार को CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विधानसभा और विधान परिषद के दोनों सदनों को आहूत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। राजनीतिक तौर पर इस बार का सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए सदन में कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

आगामी मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। माना जा रहा है कि विपक्ष इस मामले को जोरदार तरीके से उठाएगा और सरकार से जवाब मांगेगा। इसके अलावा समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल महंगाई, बेरोजगारी, बिजली व्यवस्था सहित कई जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।

सदन में कार्रवाई का ब्यौरा रख सकती है सरकार

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर सरकार अब तक की गई कार्रवाई और जांच से जुड़े तथ्यों को सदन में प्रस्तुत कर सकती है। ऐसे में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

अनुपूरक बजट और विधेयकों पर भी होगी चर्चा

कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही पिछले सत्रावसान के बाद लागू किए गए अध्यादेशों के स्थान पर प्रतिस्थानी विधेयक भी विधानसभा और विधान परिषद में पेश किए जाएंगे। अन्य आवश्यक विधायी और शासकीय कार्य भी इसी सत्र में पूरे किए जाने की योजना है।

पिछला सत्र अप्रैल में हुआ था समाप्त

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का दूसरा सत्र 30 अप्रैल 2026 को बुलाया गया था। उसी दिन विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद 7 मई 2026 को सत्रावसान कर दिया गया था। संविधान के अनुच्छेद-174 और उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के अनुसार विधानमंडल के 2 सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत नए सत्र को बुलाने का निर्णय लिया गया है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दी जानकारी

कैबिनेट बैठक के बाद लखनऊ स्थित लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मानसून सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन के समक्ष रखी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि पिछले सत्रावसान के बाद शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों को लागू करने के लिए जारी किए गए अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अलावा अन्य जरूरी विधायी और प्रशासनिक कार्य भी संपन्न कराए जाएंगे।

7 दिन पहले दी जाती है सत्र की सूचना

सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के अनुसार सत्र की निर्धारित तिथि की सूचना सामान्यतः विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को सात दिन पहले उपलब्ध करा दी जाती है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तीसरा सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जिसमें अनुपूरक अनुदानों की मांगों, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा और कार्रवाई की जाएगी।