
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फोटो- पत्रिका)
SP President Akhilesh Yadav: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज ने सियासी पारा और भी चढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है। इतना ही नहीं उन्होंने छात्रों पर हुए बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए मौजूदा सरकार की तुलना सीधे हिटलर से कर दी।
मीडिया से बातचीत करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जिस तरह से पीटा गया वह बेहद निंदनीय है। अखिलेश ने बताया कि, 'जब छात्र हमारे पास आए तो उनके सिर फटे हुए थे, और खून बह रहा था।' उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा- जब देश के युवाओं के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार होगा तो हम इस सरकार की तुलना हिटलर से क्यों न करें।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा BJP सरकार युवाओं के भविष्य के साथ जानबूझकर खिलवाड़ कर रही है। उनका कहना है कि पहले तो परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं और जब छात्र न्याय और अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं तो उनकी आवाज को लाठियों के जोर पर बेरहमी से दबाने की कोशिश की जाती है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा अब सब कुछ बारीकी से समझ रहा है और वह आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगा।
आपको बता दें कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई धांधली के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई अन्य हिस्सों में छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। कल यानी सोमवार को जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस झड़प और दिल्ली में भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर पर लगे टेंट और मंच को हटा दिया था, लेकिन मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने खुद वहां सफाई की और जमीन पर बैठकर ही अपना धरना जारी रखा।
वहीं सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को पांच एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह हिंसा राजधानी की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे। इस छात्र आंदोलन को कई विपक्षी दलों के सांसदों और नेताओं का पूरा समर्थन मिल रहा है।
Updated on:
21 Jul 2026 03:07 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:07 pm
