लखनऊ

UP Election 2027: सीट बंटवारे की बातचीत से पहले अखिलेश से मिले प्रमोद तिवारी, यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बढ़ी हलचल

UP Politics: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने अखिलेश यादव से मुलाकात की है। सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग की चर्चा से पहले हुई इस मुलाकात ने यूपी की सियासत में गठबंधन को लेकर नई अटकलें तेज कर दी हैं।
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Aug 28, 2026
Akhilesh Yadav Pramod Tiwari SP Congress Alliance
अखिलेश यादव से मिले प्रमोद तिवारी (photo- x @abhi9inc)

SP Congress Alliance: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। खास बात यह रही कि प्रमोद तिवारी अपनी बेटी और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा के साथ अखिलेश यादव के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बाद यूपी की सियासत में इसके राजनीतिक मायने तलाशे जाने लगे हैं।

अखिलेश के आवास पर हुई मुलाकात, सीट शेयरिंग से पहले बढ़ी हलचल

प्रमोद तिवारी की अखिलेश यादव से यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सपा और कांग्रेस के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू होने की चर्चा है। यही वजह है कि दोनों नेताओं की मुलाकात को सामान्य मुलाकात से ज्यादा राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, सपा से जुड़े सूत्रों ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। उनका कहना है कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक फैसले या सीट शेयरिंग से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। पार्टी फिलहाल संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसके बावजूद बंद कमरे में हुई बातचीत ने सियासी अटकलों को जरूर हवा दे दी है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या दोनों दलों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत का दौर शुरू हो चुका है या फिर यह महज व्यक्तिगत मुलाकात थी।

राहुल गांधी की भूमिका पर भी उठे सवाल

प्रमोद तिवारी की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद कांग्रेस की रणनीति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सियासी हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या इस मुलाकात की जानकारी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को पहले से थी? क्या यह बातचीत पार्टी नेतृत्व के स्तर पर तय रणनीति का हिस्सा है या फिर स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच संवाद का नतीजा? हालांकि, इन सवालों पर अभी दोनों पार्टियों की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल इस मुलाकात को गठबंधन पर अंतिम बातचीत मानना जल्दबाजी होगी।

संगठन मजबूत करने पर पार्टियों का जोर

सपा खेमे की ओर से कहा गया है कि पार्टी इस समय संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने में जुटी है। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें और संवाद किए जा रहे हैं। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है। वहीं कांग्रेस भी यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय लगातार जनता के बीच रहने की रणनीति पर काम कर रही है।

बीजेपी के सहयोगियों को लेकर अखिलेश का दावा

इसी बीच अखिलेश यादव बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की चुनावी रणनीति पर भी लगातार निशाना साध रहे हैं। हाल में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया था कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की योजना बना रही है। अखिलेश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि बीजेपी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें देने पर विचार कर रही है। हालांकि, इन सीटों के आंकड़ों को लेकर बीजेपी की ओर से किसी अंतिम फॉर्मूले की पुष्टि नहीं हुई है। अखिलेश ने अपने पोस्ट में इस संभावित बंटवारे पर तंज कसते हुए कहा था कि यह व्यवस्था भी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA वर्ग की आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व के आधे से कम है।

अब सबकी नजर सपा-कांग्रेस की अगली चाल पर

अखिलेश यादव और प्रमोद तिवारी की मुलाकात ने ऐसे वक्त पर राजनीतिक चर्चा बढ़ाई है, जब यूपी चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे जमीन पर उतर रही हैं। हालांकि, अभी इसे सीट शेयरिंग की औपचारिक बातचीत कहना सही नहीं होगा, लेकिन दोनों दलों के नेताओं के बीच संवाद की खबर ने संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाओं को जरूर फिर जिंदा कर दिया है।

Updated on:
28 Aug 2026 11:21 am
Published on:
28 Aug 2026 11:21 am